विश्व धरोहर दिवस 2026: जीवंत विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया

विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) विरासत का जश्न मनाने और उसकी रक्षा करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है। वर्ष 2026 में, इसका ध्यान "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भों में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" पर केंद्रित है, जो आपदाओं के दौरान लोगों और परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।

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विश्व धरोहर दिवस 2026

मुख्य बातें

  • विश्व विरासत दिवस की तिथि: 18 अप्रैल, 2026।

  • अन्य नाम: स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस (IDMS)।

  • आयोजक: ICOMOS और UNESCO

  • 2026 का विषय: "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भ में जीवंत विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया।" ICOMOS त्रिवार्षिक योजना (2024-2027) का हिस्सा।

  • विरासत चयन मानदंड: सांस्कृतिक (i–vi) और प्राकृतिक (vii–x) में विभाजित। योग्य होने के लिए किसी स्थल को केवल एक मानदंड पूरा करना आवश्यक है।

  • भारतीय विरासत स्थल: 44 यूनेस्को स्थल (36 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक, 1 मिश्रित)।

  • भारत का वैश्विक स्थान: यूनेस्को विश्व विरासत स्थलों की कुल संख्या में छठा स्थान

  • यूनेस्को सूची में नवीनतम भारतीय प्रविष्टि (2025): मराठा सैन्य परिदृश्य (गुरिल्ला युद्ध रणनीति को प्रदर्शित करने वाले 12 किले)।

  • महत्वपूर्ण पड़ाव: भारत ने 650 से अधिक चोरी की गई प्राचीन कलाकृतियों को वापस प्राप्त किया है, जिनमें से कई 2025 में लौटाई गई हैं।

वैश्विक सांस्कृतिक विरासत के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 18 अप्रैल को विश्व विरासत दिवस मनाया जाता है। इसे स्मारकों और स्थलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी जाना जाता है, जो इस विविधता का प्रतीक ऐतिहासिक स्थानों को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल देता है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (ICOMOS) द्वारा विश्व विरासत दिवस 2026 के लिए चुना गया विषय "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भ में जीवंत विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" है।

विश्व धरोहर दिवस क्या है?

विश्व धरोहर दिवस क्या है?

विश्व धरोहर दिवस की स्थापना इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (ICOMOS) द्वारा 1982 में की गई थी और यूनेस्को (UNESCO) द्वारा 1983 में इसे मंजूरी दी गई थी।

यह समृद्ध वैश्विक सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने और संस्थाओं, सरकारों तथा व्यक्तियों के बीच विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। 

हर साल, ICOMOS इस दिन के लिए एक विषय (थीम) चुनता है जो वैश्विक विरासत के लिए सबसे जरूरी चुनौतियों या अवसरों को दर्शाता है। इस विषय के इर्द-गिर्द विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है - जिसमें कार्यशालाएं, प्रकाशन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास और सार्वजनिक कार्यक्रम शामिल हैं।

Evolution of World Heritage Day Themes

तालिका: विश्व धरोहर दिवस विषय (थीम) 2015-2027

वर्ष

विषय (थीम)

फोकस क्षेत्र

2027

रिकवरी फॉर लिविंग हेरिटेज (जीवित विरासत के लिए पुनरुद्धार)

संकट के बाद का पुनर्निर्माण (नियोजित)

2026

इमरजेंसी रिस्पॉन्स फॉर लिविंग हेरिटेज (जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया)

वास्तविक समय में संकट की कार्रवाई

2025

हेरिटेज एट रिस्क: प्रिपेयर्डनेस (जोखिम में विरासत: तैयारी)

रोकथाम और ICOMOS के 60 वर्ष

2024

डिजास्टर्स एंड कॉन्फ्लिक्ट्स (वेनिस चार्टर) (आपदाएं और संघर्ष)

संरक्षण का ऐतिहासिक संदर्भ

2023

हेरिटेज चेंजेज (विरासत में बदलाव)

जलवायु कार्रवाई और परिवर्तन

2022

हेरिटेज एंड क्लाइमेट (विरासत और जलवायु)

स्थलों पर पर्यावरणीय प्रभाव

2021

कॉम्प्लेक्स पास्ट्स: डाइवर्स फ्यूचर्स (जटिल अतीत: विविध भविष्य)

समावेशिता और वैश्विक आख्यान

2020

शेयर्ड कल्चर्स, शेयर्ड हेरिटेज (साझा संस्कृतियां, साझा विरासत)

महामारी के दौरान वैश्विक एकता

2019

रूरल लैंडस्केप्स (ग्रामीण परिदृश्य)

कृषि और जलीय विरासत

2018

हेरिटेज फॉर जनरेशन्स (पीढ़ियों के लिए विरासत)

युवा और अंतर-पीढ़ीगत हस्तांतरण

2017

कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबल टूरिज्म (सांस्कृतिक विरासत और सतत पर्यटन)

विकास और स्थानीय समुदाय

2016

हेरिटेज फॉर द फ्यूचर (भविष्य के लिए विरासत)

सतत संरक्षण

2015

द इनटेंजिबल हेरिटेज ऑफ ह्यूमैनिटी (मानवता की अमूर्त विरासत)

जीवंत परंपराएं और लोककथाएं

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विश्व धरोहर दिवस 2026 की थीम

विश्व धरोहर दिवस 2026 की थीम

Wordl Heritage Day 2026: Living Heritage and Emergency Response

विश्व विरासत दिवस 2026 का विषय “संघर्ष और आपदाओं के संदर्भ में जीवंत विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया (Emergency Response for Living Heritage in Contexts of Conflicts and Disasters)” है। यह ICOMOS के 2024-2027 के त्रिवार्षिक वैज्ञानिक योजना का हिस्सा है। इस योजना के तीन चरण हैं:

  • 2025: ध्यान तैयारी (preparedness) पर था। वे रणनीतियाँ जिनका उपयोग सरकारें और समुदाय आपदा आने से पहले विरासत को नुकसान से बचाने के लिए करेंगे।

  • 2026: ध्यान अब आपातकालीन प्रतिक्रिया (emergency response) पर केंद्रित हो गया है। जारी संघर्षों और प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए, विरासत को संरक्षित करने के लिए वास्तविक समय (real-time) में हस्तक्षेप करने पर जोर दिया गया है। 

  • 2027: अगला चरण संकट के बाद पुनर्प्राप्ति (recovery) का होगा। विरासत और उसके द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले समुदायों के पुनर्निर्माण और उन्हें पुनर्स्थापित करने की योजनाएँ। 

“जीवंत विरासत” (Living Heritage) का महत्व

जीवंत विरासत (Living Heritage) में सांस्कृतिक प्रथाएं, परंपराएं, भाषा और ज्ञान शामिल हैं जो किसी समुदाय को परिभाषित करते हैं और भावी पीढ़ियों को सौंपे जाते हैं। 

2026 का विषय यह स्वीकार करता है कि जब लोग विस्थापित होते हैं तो संस्कृति समाप्त हो जाती है। जब किसी समुदाय को संघर्ष क्षेत्र (जैसे हालिया पश्चिम एशिया तनाव) या आपदा क्षेत्र (जैसे वायनाड भूस्खलन) से भागने के लिए मजबूर होना पड़ता है, तो वे अपने औजार, अनुष्ठान और सामुदायिक स्थल पीछे छोड़ जाते हैं।

इसलिए इस वर्ष का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि “आपातकालीन प्रतिक्रिया” में उन लोगों को बचाना शामिल हो जो ज्ञान को समेटे हुए हैं और उन प्रथाओं को बचाना हो जो उन्हें पहचान देती हैं।

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विरासत क्या है?

विरासत क्या है?

धरोहर किसी समूह या समाज की मूर्त (इमारतें, स्मारक, कलाकृतियाँ, परिदृश्य और पुस्तकें) और अमूर्त (लोककथाएं, परंपराएं, भाषा, ज्ञान) विरासत का एक संग्रह है जो पिछली पीढ़ियों से विरासत में मिला है।

यूनेस्को (UNESCO) और इकोमॉस (ICOMOS) धरोहर को मुख्य रूप से इन श्रेणियों में वर्गीकृत करते हैं:

  1. सांस्कृतिक धरोहर

  2. प्राकृतिक धरोहर

  3. मिश्रित धरोहर

  4. डिजिटल धरोहर

Types of heritage- chart

सांस्कृतिक धरोहर

सांस्कृतिक धरोहर मानव इतिहास का भौतिक रिकॉर्ड और पिछली पीढ़ियों की जीवित परंपराएं हैं। इसे आगे विभाजित किया गया है

A) मूर्त धरोहर: मूर्त सांस्कृतिक धरोहर भौतिक कलाकृतियाँ और स्थान हैं। इसमें शामिल हैं:

  • हस्तांतरणीय (चल): कलाकृतियाँ जैसे पेंटिंग, सिक्के, मूर्तियां, पांडुलिपियां और पारंपरिक पोशाक

भारतीय उदाहरण:

  1. पेंटिंग्स: राष्ट्रीय संग्रहालय में पाई जाने वाली पहाड़ी या मुगल लघुचित्र (मिनिएचर्स)

  2. मूर्तियां: सिंधु घाटी सभ्यता से प्राप्त कांस्य की "नर्तकी की मूर्ति" (डांसिंग गर्ल)

  3. पांडुलिपियां: कश्मीर की प्राचीन भूर्जपत्र (बिर्च-बार्क) पांडुलिपियां या ओडिशा की ताड़-पत्र पांडुलिपियां।

  4. सिक्के: गुप्त साम्राज्य के सोने के दीनार (जिन्हें अक्सर स्वर्ण युग कहा जाता है)।

  • गैर-हस्तांतरणीय (अचल): स्मारक, ऐतिहासिक स्थल, प्राचीन शहर आदि जैसी बड़ी संरचनाएं।

भारतीय उदाहरण:

  1. स्मारक: ताजमहल (आगरा) या आगरा का किला

  2. पुरातत्वीय स्थल: गुजरात में हड़प्पा कालीन शहर धौलावीरा

  3. ऐतिहासिक शहर: अहमदाबाद (भारत का पहला यूनेस्को धरोहर शहर) या गुलाबी शहर जयपुर

  4. औद्योगिक स्थल: भारत की पर्वतीय रेलवे (दार्जिलिंग, नीलगिरि और कालका-शिमला)।

  • जलमग्न (अंडरवॉटर): जहाजों के मलबे, जलमग्न खंडहर और गुफाएं। 

भारतीय उदाहरण:

  1. जलमग्न शहर: गुजरात के तट से दूर द्वारका के पुरातात्विक खंडहर, जहाँ पानी के नीचे दीवारों और संरचनाओं के अवशेष पाए गए हैं।

  2. जहाजों के मलबे: लक्षद्वीप द्वीप समूह और ओडिशा के तट के पास पाए गए प्राचीन व्यापारिक जहाजों के मलबे।

B) अमूर्त धरोहर: गैर-भौतिक परंपराएं और संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्तियां जैसे मौखिक परंपराएं, प्रदर्शन कलाएं, अनुष्ठान, त्योहार और शिल्प कौशल। वर्ष 2026 की थीम इसी के अंतर्गत आने वाली "जीवंत धरोहर (लिविंग हेरिटेज)" के संरक्षण पर केंद्रित है। 

भारतीय उदाहरण:

  • दीपावली (दिवाली): अंधकार पर प्रकाश की विजय के वैश्विक प्रतीक के रूप में आधिकारिक तौर पर 2025 के अंत में जोड़ा गया।

  • गुजरात का गरबा: नवरात्रि के दौरान किया जाने वाला नृत्य।

  • योग: प्राचीन स्वास्थ्य और कल्याण परंपरा

  • कोलकाता में दुर्गा पूजा: भव्य कला और सड़क उत्सव

  • वैदिक मंत्रोचार: प्राचीन मौखिक परंपरा

प्राकृतिक धरोहर

प्राकृतिक धरोहर में जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र और भूवैज्ञानिक संरचनाएं शामिल हैं जिनका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय या सौंदर्य संबंधी महत्व है। 

भारतीय उदाहरण: 

  1. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (असम): एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध।

  2. सुंदरवन (पश्चिम बंगाल): विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन और रॉयल बंगाल टाइगर का घर।

  3. पश्चिमी घाट: जैविक विविधता के दुनिया के आठ "हॉटेस्ट हॉटस्पॉट" में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त।

  4. ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (हिमाचल प्रदेश): अपनी अत्यधिक ऊंचाई वाले अल्पाइन घास के मैदानों और ग्लेशियरों के लिए प्रसिद्ध।

मिश्रित धरोहर

मिश्रित धरोहर में ऐसे स्थल शामिल हैं जिनका सांस्कृतिक और प्राकृतिक दोनों महत्व है। 

भारतीय उदाहरण: भारत में कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान एक मिश्रित स्थल है क्योंकि इसमें अद्वितीय जैव विविधता (प्राकृतिक) पाई जाती है और यह स्थानीय मूल समुदायों के लिए एक पवित्र परिदृश्य (सांस्कृतिक) भी है।

डिजिटल धरोहर

एक नई श्रेणी जिसमें ऐसे संसाधन शामिल हैं जो "बोर्न डिजिटल" (केवल डिजिटल रूप में बने) हैं या भौतिक धरोहर जिनका संरक्षण के लिए डिजिटलीकरण किया गया है (जैसे जोखिम में घिरे स्मारकों के 3D स्कैन)। 

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विरासत सूची के लिए चयन मानदंड

विरासत सूची के लिए चयन मानदंड

2005 के बाद से, यूनेस्को ने दस मानदंडों के एक सेट का उपयोग किया है, जिन्हें सांस्कृतिक और प्राकृतिक मूल्यों के बीच विभाजित किया गया है।

सांस्कृतिक मानदंड (i – vi)

(i) उत्कृष्ट कृति (मास्टरपीस): मानव रचनात्मक प्रतिभा की एक उत्कृष्ट कृति का प्रतिनिधित्व करता है (उदाहरण के लिए, ताजमहल)।

(ii) मूल्यों का आदान-प्रदान: समय के साथ या किसी सांस्कृतिक क्षेत्र के भीतर, विशेष रूप से वास्तुकला, प्रौद्योगिकी या नगर नियोजन में मानवीय मूल्यों के एक महत्वपूर्ण आदान-प्रदान को प्रदर्शित करता है।

(iii) अद्वितीय प्रमाण: किसी सांस्कृतिक परंपरा या सभ्यता (जीवित या विलुप्त) का एक अनूठा या असाधारण प्रमाण प्रस्तुत करता है।

(iv) ऐतिहासिक वर्गीकरण: किसी भवन, स्थापत्य समूह या परिदृश्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है जो मानव इतिहास के महत्वपूर्ण चरणों को दर्शाता है।

(v) मानव बंदोबस्त (बस्ती): पारंपरिक मानव बंदोबस्त या भूमि/समुद्र के उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, विशेष रूप से वे जो अपरिवर्तनीय परिवर्तन के प्रति संवेदनशील हैं (उदाहरण के लिए, धौलावीरा)।

(vi) जुड़ाव (सहयोग): सीधे तौर पर उन घटनाओं, जीवित परंपराओं, विचारों, विश्वासों या सार्वभौमिक महत्व के कलात्मक कार्यों से जुड़ा हुआ है।

प्राकृतिक मानदंड (vii – x)

(vii) प्राकृतिक सौंदर्य: इसमें उत्कृष्ट प्राकृतिक घटनाएं या असाधारण प्राकृतिक सौंदर्य के क्षेत्र शामिल हैं।

(viii) पृथ्वी का इतिहास: पृथ्वी के इतिहास के प्रमुख चरणों का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें जीवन का रिकॉर्ड या महत्वपूर्ण भूवैज्ञानिक प्रक्रियाएं शामिल हैं।

(ix) पारिस्थितिक प्रक्रियाएं: पारिस्थितिकी प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण चल रही पारिस्थितिक और जैविक प्रक्रियाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

(x) जैव विविधता: जैविक विविधता के स्व-स्थाने (इन-सिटू) संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवास शामिल हैं, जिसमें लुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल हैं।

3 स्तंभ (The 3 Pillars)

10 मानदंडों में से केवल एक को पूरा करना ही काफी नहीं है। सफलतापूर्वक सूचीबद्ध होने के लिए एक साइट को "तीन स्तंभों" को संतुष्ट करना होगा:

  1. असाधारण सार्वभौमिक मूल्य (OUV): 10 मानदंडों में से कम से कम एक को अवश्य पूरा करना चाहिए।

  2. अखंडता और/या प्रामाणिकता:

    • अखंडता (Integrity): साइट में उसके मूल्य को व्यक्त करने के लिए आवश्यक सभी तत्व शामिल होने चाहिए।

    • प्रामाणिकता (Authenticity): (केवल सांस्कृतिक साइटें) सामग्री, डिजाइन और परिवेश वास्तविक होने चाहिए।

  3. संरक्षण और प्रबंधन: भावी पीढ़ियों के लिए साइट के जीवित रहने को सुनिश्चित करने के लिए साइट के पास एक कानूनी प्रबंधन योजना होनी चाहिए (जैसे, बफर जोन, संरक्षण कानून)।

वैश्विक स्तर पर भारतीय विरासत का महत्व

वैश्विक स्तर पर भारतीय विरासत का महत्व

विरासत स्थलों की रिकॉर्ड संख्या और विरासत संरक्षण में एक अग्रणी आवाज के साथ, भारत वैश्विक विरासत के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

  • पहले मील के पत्थर: भारत ने 1977 में विश्व विरासत कन्वेंशन की पुष्टि की और 1983 में इसके पहले नामांकन प्राप्त हुए - अजंता की गुफाएं, एलोरा की गुफाएं, आगरा का किला और ताजमहल

  • वैश्विक रैंकिंग: इटली, चीन, जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के बाद कुल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में छठे (6वें) स्थान पर है।

  • यूनेस्को स्थलों की संख्या: 2026 तक, भारत में 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं (36 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित)

  • अंतर्राष्ट्रीय मील का पत्थर: भारत वर्तमान में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए यूनेस्को की अंतर सरकारी समिति (2022-2026) के सदस्य के रूप में कार्यरत है। इस समिति के हिस्से के रूप में, भारत "जीवंत विरासत" पर केंद्रित 2026 की थीम में योगदान देगा।

  • प्राचीन वस्तुओं की वापसी: भारत विदेशों से चोरी की गई 650 प्राचीन वस्तुओं को सफलतापूर्वक वापस लाने में कामयाब रहा है। उनमें से अधिकांश पिछले वर्ष वापस लाई गई हैं। 

  • विरासत संरक्षण निकाय:  भारत में, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) विरासत संरक्षण के लिए अग्रणी संगठन है। वे आमतौर पर सभी संरक्षित स्मारकों (जैसे ताजमहल या लाल किला) में मुफ्त प्रवेश की घोषणा करते हैं और स्थानीय स्थलों पर विशेष प्रदर्शनियों की मेजबानी करते हैं।

  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के "मस्ट-सी" पोर्टल और "अडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0" कार्यक्रम ने विरासत संरक्षण को सार्वजनिक और निजी पहलों का एक मिश्रण बना दिया है - जिसके तहत व्यक्तियों को स्थानीय स्मारकों का "स्वामित्व" लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। 

  • उत्सव: उत्तर प्रदेश पर्यटन ने 2026 में स्थानीय विरासत के साथ सार्वजनिक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के लिए "हेरिटेज थ्रू माई लेंस" और "शेयर योर पर्सनल ट्रेजर" जैसे अभियान शुरू किए हैं।

तालिका: भारत में कुल विश्व धरोहर स्थल

क्र. सं.

स्थल का नाम

राज्य

वर्ष

श्रेणी

मुख्य तथ्य 

44

मराठा सैन्य परिदृश्य

महाराष्ट्र, तमिलनाडु

2025

सांस्कृतिक

12 किले (शिवनेरी, रायगढ़, जिंजी आदि); मराठा सैन्य रणनीति और "गुरिल्ला युद्ध" (17वीं-19वीं शताब्दी) को दर्शाता है।

43

मोइदम (अहोम दफन प्रणाली)

असम

2024

सांस्कृतिक

चराइदेव में अहोम राजवंश के पिरामिड नुमा टीले के आकार के कब्रगाह; इन्हें अक्सर "असम के पिरामिड" कहा जाता है।

42

होयसल के पवित्र पहनावा (मंदिर)

कर्नाटक

2023

सांस्कृतिक

बेलूर, हलेबिदु और सोमनाथपुर; सोपस्टोन (बलुआ पत्थर) के मंदिर; अपनी अनूठी तारकीय (तारे के आकार की) योजना के लिए जाने जाते हैं।

41

शांतिनिकेतन

पश्चिम बंगाल

2023

सांस्कृतिक

महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित; रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा इसे एक वैश्विक विश्वविद्यालय में तब्दील किया गया।

40

धोलावीरा

गुजरात

2021

सांस्कृतिक

हड़प्पा कालीन शहर (सिंधु घाटी); अपने जल प्रबंधन (जलाशयों) और त्रिकोणीय-किलेबंदी लेआउट के लिए अद्वितीय है।

39

रामप्पा मंदिर

तेलंगाना

2021

सांस्कृतिक

काकतीय राजवंश; शिखर में प्रयुक्त "तैरती हुई ईंटें"; अपने वास्तुकार (रामप्पा) के नाम पर रखा गया एकमात्र भारतीय मंदिर।

38

जयपुर शहर

राजस्थान

2019

सांस्कृतिक

सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा स्थापित; मध्यकालीन भारत का पहला योजनाबद्ध शहर; वास्तु शास्त्र पर आधारित ग्रिडिरॉन योजना।

37

विक्टोरियन और आर्ट डेको एन्सेम्बल

महाराष्ट्र

2018

सांस्कृतिक

ओवल मैदान के चारों ओर मुंबई की 19वीं सदी की विक्टोरियन नियो-गोथिक और 20वीं सदी की आर्ट डेको इमारतें (मरीन ड्राइव)।

36

अहमदाबाद ऐतिहासिक शहर

गुजरात

2017

सांस्कृतिक

पहला भारतीय विरासत शहर; "पोल" (आवासीय समूहों) और भारत-इस्लामी वास्तुकला के लिए जाना जाता है।

35

ली कोर्बुसिएर की वास्तुकला

चंडीगढ़

2016

सांस्कृतिक

कैपिटल कॉम्प्लेक्स; आधुनिकतावादी आंदोलन में योगदान; "द ओपन हैंड" स्मारक।

34

नालंदा महाविहार

बिहार

2016

सांस्कृतिक

प्राचीन बौद्ध विश्वविद्यालय (5वीं से 12वीं शताब्दी); गुप्त और पाल साम्राज्यों द्वारा समर्थित; ह्वेनसांग ने यहीं अध्ययन किया था।

33

कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान

सिक्किम

2016

मिश्रित

भारत का एकमात्र मिश्रित स्थल; बौद्धों के लिए पवित्र (बेयुल); हिम तेंदुए और रेड पांडा का घर।

32

रानी-की-वाव

गुजरात

2014

सांस्कृतिक

सरस्वती नदी के तट पर मारू-गुर्जरा शैली की बावड़ी; रानी उदयमती (सोलंकी राजवंश) द्वारा निर्मित।

31

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान

हिमाचल प्रदेश

2014

प्राकृतिक

उच्च ऊंचाई वाला पारिस्थितिक तंत्र; वेस्टर्न ट्रैगोपन (हिमाचल प्रदेश का राज्य पक्षी) का संरक्षण करता है।

30

राजस्थान के पहाड़ी किले

राजस्थान

2013

सांस्कृतिक

चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर; राजपूत सैन्य-रक्षात्मक वास्तुकला।

29

पश्चिमी घाट

कई राज्य

2012

प्राकृतिक

वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट; महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु राज्यों में फैली श्रृंखला। हिमालय से भी पुराना।

28

जंतर मंतर

राजस्थान

2010

सांस्कृतिक

जय सिंह द्वितीय द्वारा निर्मित खगोलीय वेधशाला; इसमें दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर की धूपघड़ी (सम्राट यंत्र) शामिल है।

27

लाल किला परिसर

दिल्ली

2007

सांस्कृतिक

शाहजहाँ द्वारा निर्मित; लाल बलुआ पत्थर से संगमरमर में परिवर्तन को दर्शाता है; भारत-इस्लामी और फारसी प्रभाव।

26

चांपानेर-पावागढ़ पार्क

गुजरात

2004

सांस्कृतिक

अपरिवर्तित मुगल-पूर्व इस्लामी शहर; हिंदू-मुस्लिम वास्तुकला का संगम; कालिका माता मंदिर।

25

छत्रपति शिवाजी टर्मिनस

महाराष्ट्र

2004

सांस्कृतिक

पूर्व में विक्टोरिया टर्मिनस; विक्टोरियन इटालियन गॉथिक पुनरुद्धार वास्तुकला (एफ.डब्ल्यू. स्टीवंस)।

24

भीमबेटका के शैलाश्रय

मध्य प्रदेश

2003

सांस्कृतिक

मध्यपाषाण काल के शैल चित्र; भारत में मानव जीवन के सबसे शुरुआती प्रमाण; वी.एस. वाकणकर द्वारा खोजा गया।

23

महाबोधि मंदिर

बिहार

2002

सांस्कृतिक

अशोक द्वारा निर्मित; वह स्थान जहाँ बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था; ईंट की वास्तुकला।

22

माउंटेन रेलवे

पश्चिम बंगाल / तमिलनाडु / हिमाचल प्रदेश

1999

सांस्कृतिक

दार्जिलिंग, नीलगिरि, और कालका-शिमला; मैदानी इलाकों को पहाड़ियों से जोड़ने वाली औपनिवेशिक काल की इंजीनियरिंग।

21

हुमायूँ का मकबरा

दिल्ली

1993

सांस्कृतिक

प्रथम मुगल उद्यान-मकबरा (चारबाग); ताजमहल का प्रारूप; फारसी शैली का दोहरा गुंबद।

20

कुतुब मीनार और स्मारक

दिल्ली

1993

सांस्कृतिक

सबसे ऊंची ईंट की मीनार; ऐबक द्वारा शुरू की गई, इल्तुतमिश द्वारा पूरी की गई; इसमें गुप्त काल का लौह स्तंभ है।

19

सांची का स्तूप

मध्य प्रदेश

1989

सांस्कृतिक

भारत में सबसे पुरानी पत्थर की संरचनाएँ; जातक कथाओं को दर्शाने वाले तोरण (प्रवेश द्वार); अशोक का सिंह स्तंभ शीर्ष।

18

नंदा देवी और फूलों की घाटी

उत्तराखंड

1988

प्राकृतिक

ट्रांस-हिमालयी संक्रमण क्षेत्र; नंदा देवी भारत की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है।

17

एलीफेंटा की गुफाएं

महाराष्ट्र

1987

सांस्कृतिक

भगवान शिव को समर्पित; त्रिमूर्ति की मूर्ति; कोंकण मौर्य और राष्ट्रकूट राजवंश से संबंधित।

16

पट्टादकल के स्मारक

कर्नाटक

1987

सांस्कृतिक

चालुक्य राजवंश; वेसर शैली (नागर और द्रविड़ का मिश्रण); शाही राज्याभिषेक का स्थल।

15

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान

पश्चिम बंगाल

1987

प्राकृतिक

विश्व का सबसे बड़ा मुहाना मैंग्रोव वन; रॉयल बंगाल टाइगर का निवास स्थान।

14

महान चोल मंदिर

तमिलनाडु

1987

सांस्कृतिक

तंजावुर, गंगैकोंडचोलपुरम और दारासुरम; द्रविड़ वास्तुकला का चरम।

13

गोवा के चर्च

गोवा

1986

सांस्कृतिक

"पूर्व का रोम"; बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस (सेंट फ्रांसिस जेवियर के अवशेष); पुर्तगाली प्रभाव।

12

फतेहपुर सीकरी

उत्तर प्रदेश

1986

सांस्कृतिक

अकबर का योजनाबद्ध शहर; बुलंद दरवाजा (गुजरात पर विजय की स्मृति में); हिंदू और फारसी शैलियों का मिश्रण।

11

हम्पी स्मारक समूह

कर्नाटक

1986

सांस्कृतिक

विजयनगर साम्राज्य की राजधानी; द्रविड़ शैली; विट्ठल मंदिर के संगीतमय स्तंभ।

10

खजुराहो के स्मारक

मध्य प्रदेश

1986

सांस्कृतिक

चंदेल राजवंश; नागर शैली; अपनी कामुक मूर्तियों और पंचायतन योजना के लिए प्रसिद्ध।

9

मानस वन्यजीव अभयारण्य

असम

1985

प्राकृतिक

मानस नदी पर स्थित; बाघ, गैंडा और हाथी आरक्षित क्षेत्र; प्रोजेक्ट टाइगर स्थल।

8

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

असम

1985

प्राकृतिक

एक सींग वाले गैंडे की दुनिया की सबसे बड़ी आबादी; 1:1 संरक्षण की शानदार सफलता की कहानी।

7

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान

राजस्थान

1985

प्राकृतिक

पूर्व में भरतपुर पक्षी अभयारण्य; मानव निर्मित आर्द्रभूमि; प्रवासी साइबेरियन क्रेन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।

6

सूर्य मंदिर, कोणार्क

ओडिशा

1984

सांस्कृतिक

रथ के आकार का मंदिर (कलिंग वास्तुकला); नरसिंहदेव प्रथम (पूर्वी गंग राजवंश) द्वारा निर्मित।

5

महाबलिपुरम के स्मारक

तमिलनाडु

1984

सांस्कृतिक

पल्लव राजवंश; रथ (एकाश्म मंदिर), तट मंदिर (शोर टेम्पल), और "गंगा अवतरण" की नक्काशी।

4

आगरा का किला

उत्तर प्रदेश

1983

सांस्कृतिक

मुगल सत्ता का केंद्र; लाल बलुआ पत्थर की दीवारें; जहांगीरी महल और मोती मस्जिद।

3

अजंता की गुफाएं

महाराष्ट्र

1983

सांस्कृतिक

30 चट्टानों को काटकर बनाई गई बौद्ध गुफाएं; भित्ति चित्र (पद्मपाणि और वज्रपाणि); हीनयान और महायान चरण।

2

एलोरा की गुफाएं

महाराष्ट्र

1983

सांस्कृतिक

34 गुफाएं (बौद्ध, हिंदू, जैन); कैलाश मंदिर (गुफा 16) सबसे बड़ी एकल शिला उत्खनन संरचना है।

1

ताजमहल

उत्तर प्रदेश

1983

सांस्कृतिक

शाहजहाँ द्वारा निर्मित भारत-इस्लामी वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना; पियेट्रा ड्यूरा (पच्चीकारी) का काम; सममित संगमरमर का मकबरा।

यूपीएससी पिछले वर्ष के प्रश्न

यूपीएससी पिछले वर्ष के प्रश्न

 [प्रिलिम्स 2021] 

मुरैना के समीप स्थित चौंसठ योगिनी मंदिर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह कच्छपघात राजवंश के शासनकाल के दौरान निर्मित एक गोलाकार मंदिर है।

  2. यह भारत में निर्मित एकमात्र गोलाकार मंदिर है।

  3. इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में वैष्णव संप्रदाय को बढ़ावा देना था।

  4. इसके डिजाइन से यह लोकप्रिय धारणा उत्पन्न हुई है कि यह भारतीय संसद भवन के पीछे की प्रेरणा था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

(a) केवल 1 और 4

(b) केवल 2, 3 और 4

(c) केवल 1, 2 और 3

(d) 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (a) केवल 1 and 4

[मेन्स 2023] जीएस पेपर-I (संस्कृति) 

"यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल होयसल के पवित्र समूहों के विशेष संदर्भ में होयसल वास्तुकला की मुख्य विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।" (150 शब्द, 10 अंक)

[प्रिलिम्स 2017] 

निम्नलिखित में से कौन-सा/से सूर्य मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है/हैं?

  1. अरसावल्ली

  2. अमरकंटक

  3. ओंकारेश्वर

नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए: (a) केवल 1 (b) केवल 2 और 3 (c) केवल 1 और 3 (d) 1, 2 और 3

उत्तर: (a) केवल 1

[प्रिलिम्स 2014] 

भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में, 'पंचायतन' शब्द का तात्पर्य किससे है:

(a) ग्राम के वृद्धजनों की सभा

(b) एक धार्मिक संप्रदाय

(c) मंदिर निर्माण की एक शैली

(d) एक प्रशासनिक अधिकारी

उत्तर: (c) मंदिर निर्माण की एक शैली।

नोट: यह खजुराहो जैसे यूनेस्को स्थलों के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, जो इस विशिष्ट शैली (चार छोटे सहायक मंदिरों से घिरा एक केंद्रीय मंदिर) का अनुसरण करते हैं।

निष्कर्ष

निष्कर्ष

चूंकि हम विश्व धरोहर दिवस 2026 मना रहे हैं, यह हमें याद दिलाता है कि विशेष रूप से अनिश्चित समय में विरासत के सक्रिय संरक्षण की आवश्यकता होती है। भारत की विशाल विरासत सदियों से विभिन्न रूपों में जीवित रही है और यह महत्वपूर्ण है कि यह भविष्य में वैश्विक स्तर पर फलती-फूलती रहे। 18 अप्रैल को- किसी ऐतिहासिक स्थल पर जाएं, किसी परंपरा के बारे में जानें, और उस विरासत की रक्षा करने में भाग लें जो हमारे अतीत को परिभाषित करती है और हमारे भविष्य को प्रेरित करती है।

सुझाए गए पोस्ट

पीएम आवास योजना: ग्रामीण और शहरी, स्थिति, सूची और आवेदन 2026

पीएम आवास योजना भारत सरकार की एक प्रमुख आवास योजना है, जो एक लक्ष्य के इर्द-गिर्द बनाई गई है: हर उस परिवार के लिए एक पक्का घर जिसके पास अपना घर नहीं है।

25 जून 2015 को शुरू की गई यह योजना दो शाखाओं के माध्यम से चलती है, गांवों के लिए पीएम आवास योजना ग्रामीण और शहरों तथा कस्बों के लिए पीएम आवास योजना शहरी।

एक ग्रामीण परिवार को घर बनाने के लिए सीधे ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख की सहायता मिलती है, जबकि एक शहरी परिवार नए PMAY-U 2.0 चरण के तहत गृह ऋण पर ₹1.80 लाख तक की ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकता है।

यदि आप UPSC या राज्य PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है। यह GS2 शासन और GS3 अर्थव्यवस्था के अंतर्गत आती है, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer), शहरी नियोजन और केंद्र-राज्य वित्त से जुड़ती है, और प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में छोटे तथ्यात्मक बदलावों के साथ बार-बार पूछी जाती है।

यदि आप या आपका परिवार इसके लाभार्थी हैं, तो आपको इसके व्यावहारिक हिस्सों की भी आवश्यकता होगी, इसलिए इस गाइड में पात्रता, ऑनलाइन आवेदन, स्थिति की जांच, 2026 की सूची, ट्रैकिंग और सूची डाउनलोड करने का तरीका, सब कुछ सरल भाषा में शामिल किया गया है।

पीएम आवास योजना
विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) विरासत का जश्न मनाने और उसकी रक्षा करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है। वर्ष 2026 में, इसका ध्यान "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भों में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" पर केंद्रित है, जो आपदाओं के दौरान लोगों और परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।

पीएम आवास योजना: ग्रामीण और शहरी, स्थिति, सूची और आवेदन 2026

पीएम आवास योजना भारत सरकार की एक प्रमुख आवास योजना है, जो एक लक्ष्य के इर्द-गिर्द बनाई गई है: हर उस परिवार के लिए एक पक्का घर जिसके पास अपना घर नहीं है।

25 जून 2015 को शुरू की गई यह योजना दो शाखाओं के माध्यम से चलती है, गांवों के लिए पीएम आवास योजना ग्रामीण और शहरों तथा कस्बों के लिए पीएम आवास योजना शहरी।

एक ग्रामीण परिवार को घर बनाने के लिए सीधे ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख की सहायता मिलती है, जबकि एक शहरी परिवार नए PMAY-U 2.0 चरण के तहत गृह ऋण पर ₹1.80 लाख तक की ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकता है।

यदि आप UPSC या राज्य PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो यह योजना बेहद महत्वपूर्ण है। यह GS2 शासन और GS3 अर्थव्यवस्था के अंतर्गत आती है, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer), शहरी नियोजन और केंद्र-राज्य वित्त से जुड़ती है, और प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में छोटे तथ्यात्मक बदलावों के साथ बार-बार पूछी जाती है।

यदि आप या आपका परिवार इसके लाभार्थी हैं, तो आपको इसके व्यावहारिक हिस्सों की भी आवश्यकता होगी, इसलिए इस गाइड में पात्रता, ऑनलाइन आवेदन, स्थिति की जांच, 2026 की सूची, ट्रैकिंग और सूची डाउनलोड करने का तरीका, सब कुछ सरल भाषा में शामिल किया गया है।

पीएम आवास योजना
विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) विरासत का जश्न मनाने और उसकी रक्षा करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है। वर्ष 2026 में, इसका ध्यान "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भों में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" पर केंद्रित है, जो आपदाओं के दौरान लोगों और परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।

सुभद्रा योजना 2026: पात्रता, प्रक्रिया, लाभ और स्थिति की जांच

सुभद्रा योजना ओडिशा की महिलाओं के लिए एक प्रमुख नकद सहायता योजना है।

पात्र महिलाओं को उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे ₹5,000 की दो किश्तों में वार्षिक ₹10,000 मिलते हैं। पांच वर्षों में यह राशि कुल ₹50,000 हो जाती है।

सितंबर 2024 में शुरू की गई इस योजना का नाम भगवान जगन्नाथ की बहन देवी सुभद्रा के नाम पर रखा गया है, और 2026 तक यह राज्य भर की एक करोड़ से अधिक महिलाओं तक पहुंचेगी।

यदि आप UPSC या राज्य PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो यह योजना एक तैयार शासन (गवर्नेंस) केस स्टडी है।

यह महिला सशक्तिकरण, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), डिजिटल वित्तीय समावेशन, और महिलाओं को नकद हस्तांतरण पर व्यापक बहस के मिलन बिंदु पर स्थित है।

यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लाभार्थी है, तो आपको व्यावहारिक पहलुओं की भी आवश्यकता है: आवेदन कैसे करें, स्थिति की जांच कैसे करें, सूची में अपना नाम कैसे ढूंढें, और आपके भुगतान के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन का क्या अर्थ है। यह मार्गदर्शिका सरल भाषा में दोनों को शामिल करती है।

ओडिशा की सुभद्रा योजना
विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) विरासत का जश्न मनाने और उसकी रक्षा करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है। वर्ष 2026 में, इसका ध्यान "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भों में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" पर केंद्रित है, जो आपदाओं के दौरान लोगों और परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।

सुभद्रा योजना 2026: पात्रता, प्रक्रिया, लाभ और स्थिति की जांच

सुभद्रा योजना ओडिशा की महिलाओं के लिए एक प्रमुख नकद सहायता योजना है।

पात्र महिलाओं को उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे ₹5,000 की दो किश्तों में वार्षिक ₹10,000 मिलते हैं। पांच वर्षों में यह राशि कुल ₹50,000 हो जाती है।

सितंबर 2024 में शुरू की गई इस योजना का नाम भगवान जगन्नाथ की बहन देवी सुभद्रा के नाम पर रखा गया है, और 2026 तक यह राज्य भर की एक करोड़ से अधिक महिलाओं तक पहुंचेगी।

यदि आप UPSC या राज्य PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो यह योजना एक तैयार शासन (गवर्नेंस) केस स्टडी है।

यह महिला सशक्तिकरण, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), डिजिटल वित्तीय समावेशन, और महिलाओं को नकद हस्तांतरण पर व्यापक बहस के मिलन बिंदु पर स्थित है।

यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लाभार्थी है, तो आपको व्यावहारिक पहलुओं की भी आवश्यकता है: आवेदन कैसे करें, स्थिति की जांच कैसे करें, सूची में अपना नाम कैसे ढूंढें, और आपके भुगतान के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) सत्यापन का क्या अर्थ है। यह मार्गदर्शिका सरल भाषा में दोनों को शामिल करती है।

ओडिशा की सुभद्रा योजना
विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) विरासत का जश्न मनाने और उसकी रक्षा करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है। वर्ष 2026 में, इसका ध्यान "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भों में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" पर केंद्रित है, जो आपदाओं के दौरान लोगों और परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।

मैया सम्मान योजना 2026: पात्रता, आवेदन और स्थिति की जांच

झारखंड सरकार की नकद हस्तांतरण योजना मैया सम्मान योजना योग्य महिलाओं को सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रति माह ₹2,500 प्रदान करती है।

आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना के नाम से जानी जाने वाली यह योजना अगस्त 2024 में ₹1,000 प्रति माह से शुरू हुई थी और दिसंबर 2024 में इसे बढ़ाकर ₹2,500 कर दिया गया।

वर्ष 2026 के मध्य तक इसमें लगभग 56 लाख महिलाएं शामिल हो चुकी हैं, जो इसे किसी भी भारतीय राज्य द्वारा शुरू किए गए सबसे बड़े महिला-केंद्रित कल्याण कार्यक्रमों में से एक बनाती है।

यदि आप UPSC या राज्य PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो यह ठीक उसी तरह की योजना है जो प्रारंभिक परीक्षा में एक-पंक्ति वाले प्रश्न के रूप में और मुख्य परीक्षा में कल्याण, राज्य वित्त और महिला सशक्तिकरण के बारे में बहस के रूप में सामने आती है।

यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लाभार्थी है, तो आपको व्यावहारिक बातों की भी आवश्यकता होगी: आवेदन कैसे करें, स्थिति की जाँच कैसे करें, और नए सत्यापन नियम का आपके भुगतान के लिए क्या अर्थ है। यह मार्गदर्शिका दोनों पहलुओं को कवर करती है।

मैया सम्मान योजना
विश्व धरोहर दिवस (18 अप्रैल) विरासत का जश्न मनाने और उसकी रक्षा करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है। वर्ष 2026 में, इसका ध्यान "संघर्षों और आपदाओं के संदर्भों में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया" पर केंद्रित है, जो आपदाओं के दौरान लोगों और परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देता है।

मैया सम्मान योजना 2026: पात्रता, आवेदन और स्थिति की जांच

झारखंड सरकार की नकद हस्तांतरण योजना मैया सम्मान योजना योग्य महिलाओं को सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रति माह ₹2,500 प्रदान करती है।

आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना के नाम से जानी जाने वाली यह योजना अगस्त 2024 में ₹1,000 प्रति माह से शुरू हुई थी और दिसंबर 2024 में इसे बढ़ाकर ₹2,500 कर दिया गया।

वर्ष 2026 के मध्य तक इसमें लगभग 56 लाख महिलाएं शामिल हो चुकी हैं, जो इसे किसी भी भारतीय राज्य द्वारा शुरू किए गए सबसे बड़े महिला-केंद्रित कल्याण कार्यक्रमों में से एक बनाती है।

यदि आप UPSC या राज्य PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो यह ठीक उसी तरह की योजना है जो प्रारंभिक परीक्षा में एक-पंक्ति वाले प्रश्न के रूप में और मुख्य परीक्षा में कल्याण, राज्य वित्त और महिला सशक्तिकरण के बारे में बहस के रूप में सामने आती है।

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धुंधली पृष्ठभूमि के साथ एक सेल फोन का क्लोज़-अप

लेखक के बारे में

गजेंद्र सिंह गोदारा

विकास | एफटीई | सिगआईक्यू में निवासी

गजेंद्र सिंह गोदारा आईआईटी बॉम्बे के स्नातक और एक यूपीएससी आकांक्षी हैं, जिन्होंने कई प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षाओं सहित 4 प्रयास किए हैं। वे राजनीति (Polity), आधुनिक इतिहास (Modern History), अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) और अर्थव्यवस्था (Economy) के विशेषज्ञ हैं। PadhAI में, गजेंद्र अपने प्रत्यक्ष परीक्षा अनुभव का लाभ उठाकर जटिल अवधारणाओं को सरल बनाते हैं, जिससे उच्च दक्षता वाली अध्ययन सामग्री तैयार होती है जो आकांक्षियों को समय बचाने और केंद्रित रहने में मदद करती है।

नवीनतम यूपीएससी परीक्षा 2026 अपडेट

यूपीएससी सीएसई (UPSC CSE) 2025 के लिए चयनित उम्मीदवारों की अंतिम सूची अब उपलब्ध है।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के लिए श्रेणी-वार कट-ऑफ अंक देखें।
वर्ष 2026 के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं का आधिकारिक कार्यक्रम 15 मई 2025 को जारी किया गया है।
यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2025 के परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए गए हैं।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए अपडेटेड और नवीनतम पाठ्यक्रम की जांच करें।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 की आधिकारिक अधिसूचना 22 जनवरी 2025 को जारी की गई थी।
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (UPSC Prelims) 2025 का प्रश्न पत्र अनौपचारिक उत्तर कुंजी (answer key) के साथ प्राप्त करें।

यूपीएससी परीक्षा तिथियां 2026

यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (UPSC Prelims) 2026 का आयोजन 24 मई 2026 को किया जाएगा, और यूपीएससी मुख्य परीक्षा (UPSC Mains) 2026 की शुरुआत 21 अगस्त 2026 से होगी।

यूपीएससी चयन प्रक्रिया

यूपीएससी सिविल सेवा चयन प्रक्रिया में तीन चरण शामिल हैं: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार।

यूपीएससी परिणाम 2024 और अंकतालिका

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 का परिणाम आधिकारिक मार्कशीट के साथ जारी कर दिया गया है।

नवीनतम यूपीएससी परीक्षा 2026 अपडेट

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यूपीएससी परीक्षा तिथियां 2026

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यूपीएससी चयन प्रक्रिया

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यूपीएससी परिणाम 2024 और अंकतालिका

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मावां धीयां योजना पंजाब सरकार की एक योजना है जो पात्र वयस्क महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये देती है, जिसका भुगतान डीबीटी (DBT) द्वारा किया जाता है। 8 मार्च 2026 को घोषित और 14 अप्रैल 2026 को शुरू की गई इस योजना का पहला भुगतान 1 जुलाई 2026 को होना तय है।

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