सामान्य अध्ययन पेपर 1
भारत में स्मार्ट सिटी, शहरी गरीबी और वितरणकारी न्याय के मुद्दों का समाधान कैसे करते हैं? (150 शब्दों में उत्तर दें)
मध्यम
2025
10
अंक
परिचय
भारत में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण शहरी गरीबी, अपर्याप्त आवास और सेवाओं तक असमान पहुंच जैसी चुनौतियां पैदा हुई हैं। स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य प्रौद्योगिकी और समावेशी नियोजन का उपयोग करके शहरी शासन और बुनियादी ढांचे में सुधार करना है, जिससे शहरी गरीबी और वितरणात्मक न्याय के मुद्दों का समाधान किया जा सके।
1. शहरी गरीबी का समाधान
बुनियादी सेवाओं में सुधार: स्मार्ट शहर मलिन बस्तियों और कम आय वाली बस्तियों में विश्वसनीय जल आपूर्ति, स्वच्छता, बिजली और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देते हैं।
किफायती आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के साथ एकीकरण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आवास प्रदान करता है।
डिजिटल शासन: ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच बढ़ाते हैं और भ्रष्टाचार को कम करते हैं।
कौशल विकास और नौकरियां: स्मार्ट बुनियादी ढांचा परियोजनाएं निर्माण, आईटी और शहरी सेवाओं में रोजगार पैदा करती हैं।
2. वितरणात्मक न्याय को बढ़ावा देना
समावेशी शहरी नियोजन: क्षेत्र-आधारित विकास और पैन-सिटी पहलों पर ध्यान केंद्रित करने से न्यायसंगत सेवा वितरण सुनिश्चित होता है।
सार्वजनिक परिवहन और गतिशीलता: स्मार्ट परिवहन गरीब आबादी के लिए सुलभता में सुधार करता है।
नागरिक भागीदारी: प्लेटफॉर्म निर्णय लेने में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं।
निष्कर्ष
इस प्रकार, स्मार्ट सिटी मिशन शहरी असमानताओं को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी, समावेशी शासन और बुनियादी ढांचे के विकास को संयोजित करने का प्रयास करता है। हालांकि, वितरणात्मक न्याय प्राप्त करने के लिए प्रभावी कार्यान्वयन और मलिन बस्तियों के समावेश तथा सामर्थ्य पर अधिक ध्यान देना आवश्यक है।
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