सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2
भारत-अफ्रीका डिजिटल साझेदारी आपसी सम्मान, सह-विकास और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी हासिल कर रही है। विस्तार से बताएं। (10 अंक, 150 शब्द)
भारत से जुड़े और/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और समझौते
2025
10
अंक
परिचय
भारत–अफ़्रीका संबंध पारंपरिक व्यापार और कूटनीति से आगे बढ़कर डिजिटल सहयोग और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में विस्तारित हुए हैं। तकनीकी साझेदारियों के माध्यम से, भारत का उद्देश्य दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देना है, जिससे अफ़्रीकी देशों में आपसी सम्मान, साझा विकास और दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग को बढ़ावा मिले।
मुख्य भाग
भारत–अफ़्रीका डिजिटल साझेदारी के प्रमुख आयाम
डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास: पैन-अफ़्रीकन ई-नेटवर्क प्रोजेक्ट जैसी पहल भारतीय संस्थानों को अफ़्रीकी विश्वविद्यालयों और अस्पतालों से जोड़ने वाली टेलीमेडिसिन और टेली-एजुकेशन सेवाएं प्रदान करती हैं।
क्षमता निर्माण और कौशल विकास: भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के तहत, भारत अफ़्रीकी पेशेवरों को आईसीटी, ई-गवर्नेंस और डिजिटल तकनीकों में प्रशिक्षित करता है।
ई-गवर्नेंस और डिजिटल पब्लिक गुड्स: भारत आधार, यूपीआई और डिजिटल पहचान प्रणालियों जैसे प्लेटफार्मों में अपनी विशेषज्ञता साझा करता है, जिससे अफ़्रीकी देशों को कुशल शासन प्रणाली विकसित करने में मदद मिलती है।
बहुपक्षीय और संस्थागत जुड़ाव: भारत-अफ़्रीका फ़ोरम शिखर सम्मेलन जैसे मंच प्रौद्योगिकी, नवाचार और डिजिटल कनेक्टिविटी में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
निष्कर्ष
भारत–अफ़्रीका डिजिटल सहयोग परस्पर सम्मान, ज्ञान साझाकरण और सह-विकास के एक मॉडल को दर्शाता है। डिजिटल बुनियादी ढांचे, क्षमता निर्माण और संस्थागत साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित करके, यह सहयोग अफ़्रीका के साथ भारत के रणनीतिक जुड़ाव को आगे बढ़ाते हुए विकास के परिणामों को मजबूत करता है।
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