सामान्य अध्ययन पेपर 3
भारत सरकार ने हाल ही में कहा है कि 2026 तक वामपंथी उग्रवाद (LWE) को खत्म कर दिया जाएगा। वामपंथी उग्रवाद से आप क्या समझते हैं और इससे लोग कैसे प्रभावित होते हैं? वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए सरकार द्वारा क्या उपाय किए गए हैं? (150 शब्दों में उत्तर दें)
आंतरिक सुरक्षा के समक्ष चुनौतियाँ उत्पन्न करने में बाहरी राज्य और गैर-राज्य अभिकर्ताओं की भूमिका।/संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौतियाँ, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सोशल नेटवर्किंग साइटों की भूमिका,
2025
10
अंक
प्रस्तावना
वामपंथी उग्रवाद (LWE), जिसे आमतौर पर नक्सली-माओवादी आंदोलन के रूप में जाना जाता है, एक सशस्त्र विद्रोह है जो उन चरमपंथी समूहों द्वारा संचालित होता है जो हिंसक क्रांति के माध्यम से लोकतांत्रिक राज्य को उखाड़ फेंकना चाहते हैं। यह आंदोलन मुख्य रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में फैले "रेड कॉरिडोर" (Red Corridor) के हिस्सों को प्रभावित करता है। भारत सरकार ने हाल ही में 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने का अपना लक्ष्य घोषित किया है।
मुख्य भाग
लोगों पर वामपंथी उग्रवाद (LWE) का प्रभाव
जीवन और सुरक्षा की हानि: हिंसक हमलों में अक्सर आम नागरिकों, सुरक्षा बलों और स्थानीय अधिकारियों को निशाना बनाया जाता है।
अल्पविकास: वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्र खराब बुनियादी ढांचे, सीमित स्वास्थ्य देखभाल और कमजोर शैक्षिक सुविधाओं से ग्रस्त हैं।
शासन में व्यवधान: चरमपंथी विकास परियोजनाओं, चुनावों और प्रशासनिक गतिविधियों में बाधा डालते हैं।
आदिवासी समुदायों का शोषण: स्थानीय आदिवासी आबादी को अक्सर आश्रय, भोजन या भर्ती प्रदान करने के लिए मजबूर किया जाता है।
वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए सरकारी उपाय
सुरक्षा अभियान: राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना (2015) के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती और समन्वित अभियान।
विकास संबंधी पहल: आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme) और प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क जैसे कार्यक्रम।
वित्तीय सहायता: सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना उग्रवाद से निपटने में राज्यों की सहायता करती है।
आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति: उग्रवादियों को आत्मसमर्पण करने और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करती है।
बेहतर शासन: दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग, मोबाइल कनेक्टिविटी और कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार।
निष्कर्ष
वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षा उपायों, समावेशी विकास और सुशासन के संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता है। स्थायी शांति और स्थिरता प्राप्त करने के लिए आदिवासी समुदायों की सामाजिक-आर्थिक शिकायतों का समाधान करना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
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