विभिन्न सूचकांकों 2025 में भारत की रैंकिंग: पूरी सूची

गजेंद्र सिंह गोदारा
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2025 में विभिन्न सूचकांकों में भारत की रैंकिंग विभिन्न क्षेत्रों में सामने आ रहीं लगातार चुनौतियों के साथ-साथ हो रही प्रगति को भी दर्शाती है। 4.19 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के साथ-साथ चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते, भारत का यह विकास विभिन्न वैश्विक सूचकांकों में इसकी स्थिति से पता चलता है।
प्रमुख प्रदर्शन हाइलाइट्स:
आर्थिक विकास: भारत ने 6.2% जीडीपी विकास दर का प्रभावशाली अनुमान बनाए रखा है—जो दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है, जिससे वह विश्व जीडीपी रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
जलवायु कार्य: जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक (CCPI) 2025 में 10वें स्थान पर मजबूत प्रदर्शन, हालांकि यह 2024 में 8वें स्थान से नीचे गिरा है।
नवाचार प्रगति: वैश्विक नवाचार सूचकांक (GII) 2025 में लगातार चढ़ते हुए 38वें स्थान पर पहुंच गया (2020 में 48वें स्थान से सुधार), जो निम्न-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में पहले स्थान पर है।
विकास संबंधी चुनौतियाँ: मानव विकास (HDI में 130वें), प्रसन्नता (118वें), और शांति (115वें) में मिले-जुले परिणाम, जो उन क्षेत्रों को रेखांकित करते हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है
भारत की रैंकिंग यह दर्शाती है कि देश शानदार आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन संरक्षण के साथ-साथ शासन, असमानता और सामाजिक कल्याण में लगातार बनी रहने वाली चुनौतियों के बीच संतुलन बना रहा है—जो इसकी चल रही विकास यात्रा के एक व्यापक बैरोमीटर के रूप में कार्य करता है।
विभिन्न सूचकांकों 2025 में भारत का स्थान
नीचे प्रमुख वैश्विक सूचकांक, उनके प्रकाशक, नवीनतम वर्ष/डेटा, भारत की रैंक और वे क्या मापते हैं (2024-2025 का डेटा दर्शाया गया है) दिए गए हैं:
सूचकांक | प्रकाशक/ संस्था | नवीनतम वर्ष | भारत की रैंक/ मूल्य | प्रमुख संकेतक |
जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक (Climate Change Performance Index) | जर्मनवॉच / न्यू क्लाइमेट इंस्टीट्यूट / CAN | 2025 | 10वां | जीएचजी (GHG) उत्सर्जन, नवीकरणीय ऊर्जा, नीति को ट्रैक करता है। |
वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index) | विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) | 2024 | 133 में से 39वां | नवाचार इनपुट/आउटपुट को मापता है। |
मानव विकास सूचकांक (HDI) | संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) | 2023 | 193 में से 130वां | जीवन प्रत्याशा, शिक्षा, आय। |
वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Global Multidimensional Poverty) | संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल (OPHI) | 2024 | ~234 मिलियन गरीबी में | बहुआयामी अभाव (स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर)। |
वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Index) | कंसर्न वर्ल्डवाइड और वेल्ट हंगर हिल्फ़ | 2024 | 127 में से 105वां | बच्चों में कुपोषण (वेस्टिंग, स्टंटिंग), अल्पपोषण, मृत्यु दर। |
विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट (World Happiness Report) | सतत विकास समाधान नेटवर्क (UN) | 2024 | 126वां | व्यक्तिपरक कल्याण, जीडीपी, सामाजिक समर्थन। |
विश्व आर्थिक आउटलुक (IMF) | अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) | 2024-2025 | भारत की वृद्धि 6.5% (2024-25) | जीडीपी विकास अनुमान। |
विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (World Competitiveness Index) | इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD) | 2024 | 39वां | व्यापार दक्षता, सरकारी प्रदर्शन। |
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ऐतिहासिक) | विश्व बैंक (अंतिम 2020) | 2020 | 63वां | व्यवसाय के लिए नियामक गुणवत्ता। |
प्रेषण अंतर्वाह (विश्व बैंक) | विश्व बैंक | 2024 | 129 अरब अमेरिकी डॉलर (14.3% वैश्विक) | प्रवासी प्रेषण (Remittances)। |
भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (Corruption Perceptions Index) | ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल | 2023 | 180 में से 93वां | सार्वजनिक क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार। |
कानून का शासन सूचकांक (Rule of Law Index) | वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट | 2024 | 79वां | कानूनी व्यवस्था, जवाबदेही, नागरिक न्याय। |
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स (Global Firepower Index) | ग्लोबल फायरपावर (GFP) | 2025 | चौथा | सैन्य क्षमता (पारंपरिक बल)। |
SIPRI हथियार आयात (SIPRI Arms Imports) | स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) / ऑक्सफोर्ड | 2019-23 | #1 सबसे बड़ा हथियार आयातक | हथियार आयात की मात्रा। |
वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (Global Terrorism Index) | इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) | 2024 | 163 में से 14वां | आतंकवाद का प्रभाव (घटनाएं, मौतें)। |
विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक (World Press Freedom Index) | रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स | 2024 | 162वां | मीडिया की स्वतंत्रता और सुरक्षा। |
ग्लोबल सॉफ्ट पावर इंडेक्स (Global Soft Power Index) | ब्रांड फाइनेंस | 2024 | 29वां | राष्ट्रीय ब्रांड की धारणा। |
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (Henley Passport Index) | हेनले एंड पार्टनर्स (IATA डेटा) | 2025 | 85वां | पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा-मुक्त पहुंच। |
रसद प्रदर्शन सूचकांक (Logistics Performance Index) | विश्व बैंक | 2023 | 38वां | व्यापार रसद (Logistics) की दक्षता। |
अंतरराष्ट्रीय बौद्धिक संपदा सूचकांक (International IP Index) | यू.एस. चैंबर ऑफ कॉमर्स | 2024 | 55 में से 42वां | आईपी संरक्षण और प्रवर्तन। |
ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (Energy Transition Index) | विश्व आर्थिक मंच (WEF) | 2024 | 120 में से 63वां | ऊर्जा प्रणाली का प्रदर्शन और तत्परता। |
मानव विकास और सामाजिक सूचकांक
मानव विकास सूचकांक (UNDP): भारत 130वें स्थान पर (2023) था। यह दीर्घायु, शिक्षा और आय को मापता है। (हालांकि 2022 में 133वें स्थान से सुधार हुआ है, लेकिन फिर भी "मध्यम" श्रेणी में है।)
लैंगिक असमानता सूचकांक (UNDP): भारत 102वें स्थान (2023) पर रहा, जो 2022 में 108वें स्थान से बेहतर है। यह प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम में अंतर को दर्शाता है।
वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक: 234 मिलियन भारतीय बहुआयामी गरीबी में रहते हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक संख्या है। (एमपीआई स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के अभावों को देखता है।)
वैश्विक भूख सूचकांक: जीएचआई (GHI) में भारत का स्थान 127 में से 105वां (2024) है। यह अल्पपोषण, बच्चों में वेस्टिंग/स्टंटिंग और मृत्यु दर पर आधारित है, जो लगातार बने रहने वाले कुपोषण को दर्शाता है।
विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट: भारत का स्थान 126वां (2024) है। जीडीपी वृद्धि के बावजूद कम प्रसन्नता सामाजिक चुनौतियों की ओर इशारा करती है।
अर्थव्यवस्था और प्रतिस्पर्धात्मकता
विश्व आर्थिक आउटलुक (IMF): भारत की विकास दर 6.5% (2024-25) रहने का अनुमान लगाता है, जो लगभग 3.3% के वैश्विक औसत से काफी ऊपर है।
विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (IMD): भारत 39वें स्थान (2024) पर है, जो मध्यम व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: (नोट: 2021 में बंद कर दिया गया) भारत की अंतिम रैंक 63वीं (2020) थी।
वैश्विक व्यापार और विनिर्माण: भारत वैश्विक विनिर्माण सूचकांक में 5वें स्थान पर था। यह आईसीटी (ICT) सेवाओं का एक शीर्ष निर्यातक है।
प्रेषण (Remittances): भारत 2024 में 129 बिलियन अमेरिकी डॉलर (14.3%) के साथ दुनिया में सबसे आगे रहा, जिससे बाहरी खातों को मजबूती मिली।
जीडीपी रैंक: भारत अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो इसके बढ़ते वैश्विक आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करता है।
शासन, कानून का शासन और भ्रष्टाचार
भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (TI): भारत 180 देशों में से 93वें स्थान (2023) पर था, जो शासन की गंभीर चुनौतियों को दर्शाता है।
कानून का शासन सूचकांक (WJP): भारत 79वें स्थान (2024) पर है, जो न्यायिक और कानूनी प्रणालियों को मजबूत करने की गुंजाइश को दर्शाता है।
वैश्विक शांति सूचकांक (IEP): शांति के मामले में भारत 116वें स्थान (2024) पर है (कम = अधिक शांतिपूर्ण)। आतंकवाद सूचकांक (14वें) के साथ मिलकर, ये आंतरिक सुरक्षा चिंताओं को दर्शाते हैं।
नवाचार, शिक्षा और प्रौद्योगिकी
वैश्विक नवाचार सूचकांक (WIPO): 39वां (2024)। भारत आईसीटी सेवाओं और स्टार्टअप्स में उत्कृष्ट है, लेकिन आरएंडडी (R&D) निवेश और पेटेंट में पीछे है।
विश्वविद्यालय रैंकिंग: आईआईटी बॉम्बे (क्यूएस रैंक ~220वां), आईआईएससी बेंगलुरु (~201वां टीएचई) भारत के शीर्ष विश्वविद्यालय स्लॉट हैं—जो वैश्विक स्तर पर मध्यम-श्रेणी में हैं।
डिजिटल/एआई सूचकांक: भारत विश्व डिजिटल प्रतिस्पर्धात्मकता (2023) में 35वें स्थान पर और एआई तत्परता में 35वें स्थान पर था, जो बढ़ते तकनीकी आधार को दर्शाता है लेकिन फिर भी अग्रणी देशों से पीछे है।
शिक्षा की गुणवत्ता: भारी नामांकन के बावजूद, वैश्विक विश्वविद्यालय लीग तालिकाओं में भारत 200+ के आसपास आता है, जो अनुसंधान आउटपुट में सुधार की गुंजाइश को दर्शाता है।
पर्यावरण और जलवायु
जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक: 10वां (2025), जो उत्सर्जक देशों की तुलना में मजबूत जलवायु नीतियों को दर्शाता है।
येल पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक (EPI): ईपीआई 2022 में भारत 180 देशों में से 180वें स्थान (अंतिम) पर है, जो वायु गुणवत्ता, जैव विविधता और जल स्वच्छता पर बहुत खराब प्रदर्शन को दर्शाता है।
वायु गुणवत्ता (IQAir/EPIC): दिल्ली का पीएम2.5 औसत 84.3 µg/m³ (2019 डेटा) है, जो डब्ल्यूएचओ के मानकों से काफी ऊपर है और स्वास्थ्य जोखिमों का संकेत देता है।
ऊर्जा संक्रमण सूचकांक (WEF): 120 में से 63वां (2024), जो यह दर्शाता है कि स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के मामले में भारत अपने समकक्षों की तुलना में मध्यम स्थान पर है।
एसडीजी सूचकांक: (यद्यपि ऊपर सूचीबद्ध नहीं है, ध्यान दें कि भारत का एसडीजी सूचकांक स्कोर मध्यम है, और कुछ लक्ष्य तय समय से पीछे चल रहे हैं।)
सुरक्षा और रक्षा
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स: पारंपरिक सैन्य ताकत (परमाणुओं को छोड़कर) में भारत चौथे स्थान (2025) पर है।
SIPRI हथियार हस्तांतरण: भारत दुनिया का शीर्ष हथियार आयातक (2019-23) था, जो रक्षा आधुनिकीकरण पर प्रकाश डालता है।
आतंकवाद सूचकांक: 163 में से 14वां (2024), जो मध्यम आतंकवाद प्रभाव रैंकिंग को दर्शाता है।
प्रेस, नागरिक स्वतंत्रता और सॉफ्ट पावर
विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक (RSF): 162वां (2024), जो गंभीर मीडिया स्वतंत्रता चिंताओं को दर्शाता है।
ग्लोबल सॉफ्ट पावर इंडेक्स: भारत 29वें स्थान (2024) पर है, जो बढ़ते सांस्कृतिक और राजनयिक प्रभाव को दर्शाता है।
लोकतंत्र सूचकांक: (भारत को अक्सर "त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र" के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, हालांकि सटीक रैंक अलग-अलग हो सकती है; उदाहरण के लिए, लोकतंत्र सूचकांक 2022 में भारत "त्रुटिपूर्ण" श्रेणी में 41वें स्थान पर था।)
पासपोर्ट की ताकत (हेनले): भारतीय पासपोर्ट 85वें स्थान (2025) पर था, जो हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के अधिकांश समकक्षों की तुलना में कम देशों में वीज़ा-मुक्त यात्रा की अनुमति देता है।
रसद (Logistics), व्यापार और बुनियादी ढांचा
रसद प्रदर्शन सूचकांक: 38वां (2023), जो मध्यम व्यापार और बुनियादी ढांचे की दक्षता को दर्शाता है।
हवाई अड्डे और बंदरगाह: मुंबई हवाई अड्डा वैश्विक स्तर पर 38वां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है (2019 कोविड से पहले); भारत का मेगा-पोर्ट (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट) ~28वें स्थान पर है। (तथ्य: यात्रियों के लिहाज से मुंबई 38वां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है)।
शिपिंग में आसानी: पीएम गति-शक्ति जैसी नीतियों के तहत भारत के व्यापारिक बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है, लेकिन वैश्विक रैंकिंग में यह अभी भी विकसित देशों से पीछे है।
विविध / विशेष सूचकांक
वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक (WEF): भारत 127वें स्थान (2025) पर है, जो लैंगिक समानता से जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डालता।
बौद्धिक संपदा सूचकांक: 42वां/55 (2024), जो मध्यम बौद्धिक संपदा (IP) संरक्षण को दर्शाता है।
भविष्य की संभावनाएं सूचकांक (Future Possibilities Index): 35वां (2024), जो भविष्य के बदलावों (जैसे तकनीक, जलवायु) के लिए तत्परता को मापता है।
वैश्विक शासन/जवाबदेही सूचकांक: (विविध; जैसे, कानून का शासन (79वां) और भ्रष्टाचार (93वां) पहले ही सूचीबद्ध हैं।)
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इंडेक्स (सूचकांक) को कब उद्धृत करें (प्रारंभिक परीक्षा बनाम मुख्य परीक्षा बनाम साक्षात्कार)
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims): अक्सर विशिष्ट तथ्यों का परीक्षण करती है। इसके लिए बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) की तैयारी रखें कि कौन सा निकाय सूचकांक प्रकाशित करता है, न कि केवल पूरी रैंकिंग की (जैसे “HDI, UNDP द्वारा” या “रूल ऑफ लॉ इंडेक्स, WJP द्वारा” प्रकाशित होता है)।
मुख्य परीक्षा (Mains): रैंकिंग का उपयोग साक्ष्य के रूप में करें। जैसे, “भारत की 2024 में GII रैंक 39वीं होना इसकी नवाचार क्षमता को दर्शाता है।” यह वर्तमान डेटा के साथ तर्कों को मजबूती देता है।
साक्षात्कार (Interview): जागरूकता को प्रदर्शित करता है। नीति या वैश्विक मामलों पर चर्चा करते समय एक उम्मीदवार भारत के हालिया एचडीआई (HDI) सुधार या सॉफ्ट पावर स्कोर का उल्लेख कर सकता है।
रैंक को नीतिगत तर्कों से जोड़ना (उदाहरण)
“उच्च जीडीपी (GDP) के बावजूद, भारत की निम्न एचडीआई (HDI) रैंक (130वीं) शिक्षा और स्वास्थ्य में कमियों को उजागर करती है, जो मजबूत कल्याणकारी नीतियों की मांग का समर्थन करती है।”
“प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक (Press Freedom Index) में 162वां स्थान मीडिया की स्वतंत्रता के सामने मौजूद चुनौतियों को रेखांकित करता है, जो पत्रकारों के लिए कानूनी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता का सुझाव देता है।”
“भारत की प्रेषण (remittance) में नंबर 1 रैंक (129 अरब अमेरिकी डॉलर) का उल्लेख यह दिखाने के लिए किया जा सकता है कि कैसे प्रवासी भारतीयों से आने वाला धन अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आय को बढ़ावा देता है।”
विभिन्न सूचकांकों में भारत की ये रैंकिंग क्या बताती हैं?
मानव विकास बनाम आर्थिक विकास: भारत की बढ़ती जीडीपी (चौथी सबसे बड़ी) अभी भी मानव विकास से मेल नहीं खाती है (एचडीआई रैंक 130वें स्थान के आसपास है)। यह अंतर आर्थिक लाभ के बावजूद उच्च गरीबी (234 मिलियन एमपीआई-गरीब) और कुपोषण (भूख सूचकांक में 105वां स्थान) में स्पष्ट है।
पर्यावरणीय चुनौती: भारत के पास मजबूत जलवायु नीतियां हैं (सीसीपीआई रैंक 10वां) लेकिन गंभीर प्रदूषण और निम्न ईपीआई स्कोर भी है। यह बेमेल कार्यान्वयन अंतराल को उजागर करता है। तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण और कोयले के उपयोग ने वायु गुणवत्ता को खराब कर दिया है (दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है), जो तत्काल सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंताओं को रेखांकित करता है।
नवाचार बनाम अनुसंधान एवं विकास (R&D): जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की बदौलत भारत की सॉफ्ट टेक शक्ति बढ़ रही है (वैश्विक नवाचार सूचकांक में 39वां स्थान, प्रमुख आईसीटी निर्यात)। हालांकि, अनुसंधान एवं विकास निवेश (~0.6% जीडीपी) और पेटेंटिंग कम बनी हुई है, जिसका अर्थ है कि नवाचार के लिए बुनियादी ढांचा इसके परिणामों से पीछे है।
सुरक्षा ताकत बनाम आंतरिक शांति: भारत एक मजबूत सैन्य शक्ति है (जीएफपी में चौथा), जो क्षेत्रीय प्रभाव को दर्शाता है। फिर भी घरेलू सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं — वैश्विक शांति सूचकांक 116वें स्थान पर है और महत्वपूर्ण आतंकवादी घटनाएं (14वां स्थान) आंतरिक शांति और सीमा पर तनाव से जुड़े मुद्दों का संकेत देती हैं।
शासन और अधिकार: प्रेस स्वतंत्रता (162वें) और भ्रष्टाचार (93वें) में निम्न रैंक उन क्षेत्रों को उजागर करती है जिनमें सुधार की आवश्यकता है। इन रैंकिंग से पता चलता है कि आर्थिक सफलता पूरी तरह से समावेशी शासन या नागरिक स्वतंत्रता में परिवर्तित नहीं हुई है।
सामाजिक कल्याण बनाम मेट्रिक्स: भारत प्रेषण (रेमिटेंस) में पहले स्थान पर है और कुछ क्षेत्रों में अग्रणी है (आईसीटी, एसटीईएम शिक्षा), फिर भी प्रसन्नता (126वें स्थान) और रहने की सुगमता में पीछे है। इससे पता चलता है कि आर्थिक लाभ नागरिकों के जीवन स्तर में समान रूप से सुधार नहीं कर रहे हैं।
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यूपीएससी पिछले वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता रिपोर्ट (Global Competitiveness Report) किसके द्वारा प्रकाशित की जाती है? (UPSC Prelims 2019)
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum)
विश्व बैंक
उत्तर: (c)
प्रश्न. "रूल ऑफ लॉ इंडेक्स" (Rule of Law Index) निम्नलिखित में से किसके द्वारा जारी किया जाता है? (UPSC Prelims 2018)
एमनेस्टी इंटरनेशनल
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
मानवाधिकारों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त का कार्यालय
वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट (World Justice Project)
उत्तर: (d)
प्रश्न. हमारे देश के शहरों में, वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के मान की गणना करने में सामान्यतः निम्नलिखित वायुमंडलीय गैसों में से किन पर विचार किया जाता है? (UPSC Prelims 2016)
कार्बन डाइऑक्साइड
कार्बन मोनोऑक्साइड
नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
सल्फर डाइऑक्साइड
मीथेन
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
केवल 1, 2 और 3
केवल 2, 3 और 4
केवल 1, 4 और 5
1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर: (b)
आर्थिक विकास का आकलन करने के लिए कौन सा सूचकांक सबसे अच्छा है?
कौन सा सूचकांक पर्यावरण को विश्वसनीय रूप से मापता है?
मुख्य परीक्षा (mains) के उत्तर में सूचकांक (index) का उल्लेख कैसे करें?
यूपीएससी (UPSC) के लिए ये रैंक क्यों महत्वपूर्ण हैं?
क्या भारत के उच्च प्रेषण (रेमिटेंस) रैंक का उल्लेख करना उपयोगी है?
विभिन्न सूचकांको में भारत की रैंकिंग एक सूक्ष्म तस्वीर पेश करती है: यहाँ स्पष्ट रूप से कुछ मजबूत पक्ष (बड़ी अर्थव्यवस्था, आईटी कौशल, कम बेरोजगारी) हैं और कुछ लगातार बनी रहने वाली चुनौतियां (स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण) हैं। यूपीएससी उम्मीदवारों को नवीनतम रिपोर्टों पर नजर रखनी चाहिए और अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए इन आंकड़ों का बुद्धिमानी से उल्लेख करना चाहिए। अपनी तैयारी में वर्तमान डेटा को दर्शाने के लिए प्रमुख सूचकांकों के प्रत्येक नए संस्करण के साथ खुद को अपडेट रखें।
अनुसंधान पद्धति
PadhAI की शोध पद्धति (research methodology) सुनिश्चित करती है कि हर लेख सटीक, UPSC के अनुकूल और शुरुआती उम्मीदवारों के लिए समझने में आसान हो। हम The Hindu, Indian Express और PIB से मिलान करके UPSC परीक्षा की प्रासंगिकता के आधार पर करंट अफेयर्स विश्लेषण तैयार करते हैं। सामान्य अध्ययन (GS) के विषयों को NCERT और मानक पुस्तकों जैसे कि एम. लक्ष्मीकांत, स्पेक्ट्रम और जीसी लियोंग से तैयार किया जाता है, और फिर तथ्यों की त्रुटियों को दूर करने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है। इसके अतिरिक्त, हम उम्मीदवारों को सत्यापित सरकारी परीक्षा अधिसूचनाओं के साथ-साथ सर्वोत्तम संसाधनों, पाठ्यक्रम और प्रारंभिक (Prelims) व मुख्य (Mains) परीक्षा की व्यापक रणनीतियों का सुझाव देने वाले विशेषज्ञ ब्लॉग भी प्रदान करते हैं।
गजेंद्र सिंह गोदारा आईआईटी बॉम्बे के स्नातक और एक यूपीएससी आकांक्षी हैं, जिन्होंने कई प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षाओं सहित 4 प्रयास किए हैं। वे राजनीति (Polity), आधुनिक इतिहास (Modern History), अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) और अर्थव्यवस्था (Economy) के विशेषज्ञ हैं। PadhAI में, गजेंद्र अपने प्रत्यक्ष परीक्षा अनुभव का लाभ उठाकर जटिल अवधारणाओं को सरल बनाते हैं, जिससे उच्च दक्षता वाली अध्ययन सामग्री तैयार होती है जो आकांक्षियों को समय बचाने और केंद्रित रहने में मदद करती है।
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