राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक 2024: मुख्य विशेषताएं

गजेंद्र सिंह गोदारा
8
मिनट का पठन

राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI) को BEE द्वारा एलायंस फॉर एन एनर्जी एफिशिएंट इकोनॉमी (AEEE) के सहयोग से विकसित किया गया है। यह वित्त वर्ष 2023-24 (FY23-24) के प्रदर्शन के आधार पर सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को रैंक करता है।
यह सूचकांक सात मांग क्षेत्रों (भवन, उद्योग, परिवहन, कृषि, नगरपालिका सेवाएं, डिस्कॉम और क्रॉस-सेक्टर पहल) को कवर करता है और 66 मात्रात्मक संकेतकों (जैसे भवन मानदंड, वाहन नीतियां) का उपयोग करता है। SEEI डेटा-संचालित निगरानी, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और राज्यों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने को प्रोत्साहित करता है।
राज्यों को चार प्रदर्शन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: अग्रणी (Front Runners)(>60%), प्राप्तकर्ता (Achievers)(50-60%), दावेदार (Contenders)(30-50%), और आकांक्षी (Aspirants)(<30%)।
सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य ऊर्जा दक्षता कार्य योजनाएं (SEEAPs) तैयार की हैं; 31 ने राज्य स्तरीय ऊर्जा दक्षता संचालन समितियों का गठन किया है। ये मंच कार्यान्वयन को सुगम बनाते हैं।
यह भारत के ऊर्जा दक्षता लक्ष्यों और जलवायु प्रतिबद्धताओं की दिशा में राज्य स्तरीय कार्यों का मार्गदर्शन करने वाला एक प्रमुख नीतिगत उपकरण है। नवीनतम संस्करण शीर्ष उपलब्धि हासिल करने वालों को उजागर करने और कमियों की पहचान करने के रुझान को जारी रखता है।
चर्चा में क्यों?
राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI) 2024 का छठा संस्करण 29 अगस्त 2025 को भारत के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी किया गया था।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) द्वारा तैयार की जाने वाली यह वार्षिक रैंकिंग इस बात का मूल्यांकन करती है कि प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऊर्जा दक्षता उपायों को कितने प्रभावी ढंग से लागू कर रहे हैं।

हमारे WhatsApp कम्युनिटी से जुड़ें
राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI 2024) की मुख्य विशेषताएं
समूह के अनुसार शीर्ष राज्य: सूचकांक राज्यों को वार्षिक ऊर्जा खपत के आधार पर वर्गीकृत करता है। अपने समूह में शीर्ष पर रहने वाले राज्य हैं: महाराष्ट्र (समूह 1: >15 MTOE), आंध्र प्रदेश (समूह 2: 5–15 MTOE), असम (समूह 3: 1–5 MTOE), और त्रिपुरा (समूह 4: <1 MTOE)। इन राज्यों ने अपनी खपत श्रेणियों में नेतृत्व किया।
प्रदर्शन श्रेणियां: राज्यों को स्कोर (100 में से) के आधार पर चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
फ्रंट रनर्स (>60%): 5 राज्य। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु। इन्होंने पिछले वर्षों की तुलना में अपनी शीर्ष स्थिति को बनाए रखा या उसमें सुधार किया।
अचीवर्स (50–60%): 2 राज्य। असम, केरल।
कंटेंडर्स (30–50%): 5 राज्य। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश।
एस्पिरेंट्स (<30%): कम स्कोर वाले शेष राज्य।
वर्ष-दर-वर्ष परिवर्तन: SEEI 2023 की तुलना में, फ्रंट रनर्स की संख्या सात से घटकर पांच हो गई। हालांकि, वही पांच राज्य (आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु) आगे बढ़ना जारी रखे हुए हैं। असम और केरल ने प्रगति की और अचीवर्स के रूप में आगे बढ़े।
क्षेत्रीय प्रगति: रिपोर्ट की गई उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल हैं:
भवन (इमारतें): 24 राज्यों ने वाणिज्यिक भवनों के लिए 2017 ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (ECBC) को अधिसूचित किया है।
उद्योग: 10 राज्यों ने MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए समर्पित ऊर्जा-दक्षता नीतियां तैयार की हैं।
परिवहन: 31 राज्यों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नीतियां हैं; 14 राज्य नए भवनों में EV चार्जिंग बुनियादी ढांचे को अनिवार्य करते हैं। यह भारत के हरित वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयासों के अनुरूप है।
कृषि: 13 राज्य सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पंपों को बढ़ावा देते हैं (केरल ~74% पंप दक्षता के साथ अग्रणी है)।
क्रॉस-सेक्टर: सभी 36 राज्यों में राज्य ऊर्जा दक्षता कार्य योजनाएं हैं; 31 राज्यों में ऊर्जा परिवर्तन पर उच्च स्तरीय संचालन समितियां हैं।
नीतिगत नवाचार: SEEI 2024 उभरते हुए उपकरणों पर प्रकाश डालता है: ऊर्जा सेवा कंपनियों (ESCO) मॉडल का रोलआउट, ऊर्जा दक्षता लेबल (जैसे भवनों/उपकरणों के लिए स्टार रेटिंग), उद्योगों के लिए क्लस्टर-आधारित ऊर्जा ऑडिट, और विस्तारित परफॉर्म, अचीव, ट्रेड (PAT) चक्र। EV प्रोत्साहन और डिस्कॉम (DISCOM) मांग-पक्ष प्रबंधन कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया है। ये उपाय भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कम लागत वाले मार्ग प्रदान करते हैं।
जलवायु लक्ष्यों से जुड़ाव: यह सूचकांक राज्यों को भारत की पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं के साथ तालमेल बिठाने में मदद करता है। SEEI डेटा भारत की स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों के लिए एक महत्वपूर्ण निगरानी उपकरण बना रहेगा।
ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के बारे में
वैधानिक निकाय: ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) की स्थापना वर्ष 2002 में देश भर में ऊर्जा-दक्षता नीति और कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए विद्युत मंत्रालय के तहत ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत की गई थी।
मिशन: नीतियों और बाजार तंत्र को तैयार करके और स्व-नियमन तथा हितधारकों की भागीदारी को बढ़ावा देकर भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊर्जा गहनता को कम करना।
प्रमुख साधन: यह उपकरणों के लिए मानक और लेबलिंग (Standards & Labelling), ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (ECBC), ऊर्जा-गहन उद्योगों के लिए परफॉर्म-अचीव-ट्रेड (PAT), और मांग पक्ष प्रबंधन (Demand Side Management) कार्यक्रमों का संचालन करता है।
नियामक और क्षमता भूमिकाएं: मानदंडों को अधिसूचित करना, ऊर्जा प्रबंधकों/लेखापरीक्षकों (Energy Managers/Auditors) को प्रमाणित करना, अनुसंधान एवं विकास तथा परीक्षण/प्रमाणन बुनियादी ढांचे का समर्थन करना, और विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता और प्रशिक्षण आयोजित करना।

Google पर पसंदीदा स्रोत के रूप में जोड़ें
यूपीएससी पिछले वर्ष के प्रश्न
प्रश्न. निम्नलिखित में से किस पर आप ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (Bureau of Energy Efficiency) स्टार लेबल पा सकते हैं? (2016)
छत के पंखे (Ceiling fans)
इलेक्ट्रिक गीज़र (Electric geysers)
ट्यूबलर फ्लोरोसेंट लैंप (Tubular fluorescent lamps)
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (d)
राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (SEEI) क्या है?
राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (State Energy Efficiency Index) कौन जारी करता है?
SEEI 2024 कब जारी किया गया था और किस वर्ष के लिए?
SEEI 2024 में किन राज्यों ने शीर्ष स्थान हासिल किया?
राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक कौन प्रकाशित करता है?
राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (State Energy Efficiency Index) संरक्षण और दक्षता में राज्य के प्रयासों को बेंचमार्क करने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह अनुकरणीय राज्यों (जैसे महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश) और सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों पर प्रकाश डालता है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के उम्मीदवारों के लिए, SEEI यह दर्शाता है कि भारत नीति (बिल्डिंग कोड, ईवी, सौर पंप) को जलवायु लक्ष्यों से कैसे जोड़ता है। लगभग सभी राज्यों द्वारा ऊर्जा कार्य योजनाएं तैयार करने और वैश्विक पहलों (जैसे ISA, GBA) में शामिल होने के साथ, ऊर्जा दक्षता भारत के एजेंडे में मजबूती से शामिल है। SEEI का अध्ययन करने से उम्मीदवारों को सतत विकास, संघीय ऊर्जा नीतियों और भारत के NDC लक्ष्यों पर प्रश्नों के उत्तर देने में मदद मिलती है।
आंतरिक लिंकिंग सुझाव
शीर्ष यूपीएससी ऑनलाइन ऐप्स जिन पर 2025 में टॉपर्स भरोसा करते हैं
अपनी यूपीएससी की तैयारी कैसे शुरू करें: शुरुआती लोगों के लिए बेहतरीन गाइड
यूपीएससी आईएएस प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें
यूपीएससी पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र उत्तर पीडीएफ के साथ - प्रीलिम्स और मेन्स (2014-2024)
भारत के 40 सबसे महत्वपूर्ण सुप्रीम कोर्ट के फैसले: लैंडमार्क जजमेंट्स यूपीएससी
बाहरी लिंकिंग सुझाव
UPSC आधिकारिक वेबसाइट - पाठ्यक्रम और अधिसूचना: https://upsc.gov.in/
पत्र सूचना कार्यालय (प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) - सरकारी घोषणाएं: https://pib.gov.in/
NCERT आधिकारिक वेबसाइट - UPSC के लिए मानक पुस्तकें: https://ncert.nic.in
अनुसंधान पद्धति
PadhAI की शोध पद्धति (research methodology) सुनिश्चित करती है कि हर लेख सटीक, UPSC के अनुकूल और शुरुआती उम्मीदवारों के लिए समझने में आसान हो। हम The Hindu, Indian Express और PIB से मिलान करके UPSC परीक्षा की प्रासंगिकता के आधार पर करंट अफेयर्स विश्लेषण तैयार करते हैं। सामान्य अध्ययन (GS) के विषयों को NCERT और मानक पुस्तकों जैसे कि एम. लक्ष्मीकांत, स्पेक्ट्रम और जीसी लियोंग से तैयार किया जाता है, और फिर तथ्यों की त्रुटियों को दूर करने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है। इसके अतिरिक्त, हम उम्मीदवारों को सत्यापित सरकारी परीक्षा अधिसूचनाओं के साथ-साथ सर्वोत्तम संसाधनों, पाठ्यक्रम और प्रारंभिक (Prelims) व मुख्य (Mains) परीक्षा की व्यापक रणनीतियों का सुझाव देने वाले विशेषज्ञ ब्लॉग भी प्रदान करते हैं।
गजेंद्र सिंह गोदारा आईआईटी बॉम्बे के स्नातक और एक यूपीएससी आकांक्षी हैं, जिन्होंने कई प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षाओं सहित 4 प्रयास किए हैं। वे राजनीति (Polity), आधुनिक इतिहास (Modern History), अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) और अर्थव्यवस्था (Economy) के विशेषज्ञ हैं। PadhAI में, गजेंद्र अपने प्रत्यक्ष परीक्षा अनुभव का लाभ उठाकर जटिल अवधारणाओं को सरल बनाते हैं, जिससे उच्च दक्षता वाली अध्ययन सामग्री तैयार होती है जो आकांक्षियों को समय बचाने और केंद्रित रहने में मदद करती है।
No comments yet. Be the first to join the discussion!














