2026 UPSC मुख्य परीक्षा (Mains) पेपर A: नियम, छूट की सूची
यूपीएससी मुख्य परीक्षा (UPSC Mains) में पेपर ए (Paper A) उम्मीदवारों के लिए एक अनिवार्य प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। यह योग्यता परीक्षा विशिष्ट भारतीय भाषाओं में दक्षता का परीक्षण करती है। उम्मीदवारों को 25% अंक प्राप्त करने होते हैं। संघ लोक सेवा आयोग छह उत्तर-पूर्वी राज्यों के निवासियों को इस आवश्यकता से छूट देता है।


मुख्य विशेषताएं
अर्हता प्राप्त करने की प्रकृति (क्वालीफाइंग नेचर): अंकों को अंतिम रैंक में नहीं गिना जाता है।
उत्तीर्ण अंक: न्यूनतम 75 अंक (25%) आवश्यक हैं।
छूट: छह उत्तर-पूर्वी राज्यों के उम्मीदवारों को उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।
पाठ्यक्रम: निबंध, अपठित गद्यांश (रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन), संक्षेपण (प्रिसिस), अनुवाद और व्याकरण।
पेपर ए सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे चरण के दौरान आयोजित होने वाला अनिवार्य भारतीय भाषा का पेपर है। यह विषयपरक (subjective) परीक्षा एक अनुसूचित भाषा में उम्मीदवार की बुनियादी पढ़ने और लिखने की क्षमता का आकलन करती है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) इस पेपर को अनिवार्य करता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि भविष्य के अधिकारी किसी भारतीय भाषा में पढ़ और लिख सकें।
अधिकांश उम्मीदवारों को अपने बाद के योग्यता-रैंकिंग वाले पेपरों का मूल्यांकन कराने के लिए इस बाधा को पार करना होगा। यदि आप पेपर ए में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक प्राप्त नहीं करते हैं, तो UPSC अन्य पेपरों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं करेगा। चाहे आपने सामान्य अध्ययन या वैकल्पिक विषयों में कितना भी अच्छा प्रदर्शन क्यों न किया हो, यह नियम लागू रहेगा।
क्या पेपर ए को अंतिम रैंकिंग के लिए गिना जाता है?
नहीं, पेपर ए केवल एक अर्हता (qualifying) परीक्षा के रूप में कार्य करता है। प्राप्त अंक अंतिम योग्यता सूची या रैंक निर्धारण में योगदान नहीं देते हैं। उम्मीदवारों को कम से कम 25% अंक प्राप्त करने होंगे। चूंकि कुल भारांक 300 अंकों का है, इसलिए उत्तीर्ण होने के लिए 75 अंकों का स्कोर अंतिम सीमा है।
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भारतीय भाषा का प्रश्नपत्र उम्मीदवारों को संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध भाषाओं में से चयन करने की अनुमति देता है। चुनी गई भाषा के आधार पर लिपि की आवश्यकता भिन्न होती है।
स्वीकृत भाषाओं और लिपियों की सूची: नीचे दी गई तालिका चयन के लिए उपलब्ध 22 भाषाओं को दर्शाती है:
भाषा | लिपि | भाषा | लिपि |
असमिया | असमिया | मणिपुरी | बंगाली |
बंगाली | बंगाली | मराठी | देवनागरी |
गुजराती | गुजराती | नेपाली | देवनागरी |
हिंदी | देवनागरी | ओड़िया | ओड़िया |
कन्नड़ | कन्नड़ | पंजाबी | गुरमुखी |
कश्मीरी | फारसी | संस्कृत | देवनागरी |
कोंकणी | देवनागरी | सिंधी | देवनागरी/अरबी |
मलयालम | मलयालम | तमिल | तमिल |
तेलुगु | तेलुगु | उर्दू | फारसी |
बोडो | देवनागरी | डोगरी | देवनागरी |
मैथिली | देवनागरी | संथाली | देवनागरी/ओलचिकी |
भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से आने वाले उम्मीदवारों के लिए विशिष्ट नियम मौजूद हैं। पेपर ए छूट विशेष रूप से निम्नलिखित राज्यों के उम्मीदवारों पर लागू होती है:
अरुणाचल प्रदेश
मणिपुर
मेघालय
मिजोरम
नागालैंड
सिक्किम
छूट का दावा कैसे करें
इस प्रावधान का लाभ उठाने के लिए, पात्र उम्मीदवारों को विस्तृत आवेदन पत्र (DAF) जमा करने की प्रक्रिया के दौरान वैध दस्तावेज जमा करने होंगे। एक सक्षम प्राधिकारी द्वारा उम्मीदवार के छूट प्राप्त राज्यों में से किसी एक से होने का प्रमाण पत्र जारी किया जाना चाहिए।
प्रमाणन के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता:
जिला अधिकारी
अनुमंडल अधिकारी (सब-डिवीजनल ऑफिसर)
ओबीसी/एससी/एसटी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत अधिकारी।
प्रमाण पत्र का एक विशिष्ट प्रारूप होना चाहिए। इसमें उम्मीदवार के माता-पिता का नाम और छूट प्राप्त राज्य में उनके निवास स्थान का उल्लेख होना चाहिए। मुख्य परीक्षा चक्र के संबंध में upsc notifications की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों को ये दस्तावेज पहले से तैयार कर लेने चाहिए।
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परीक्षा के पैटर्न को समझने से उम्मीदवारों को लक्षित तैयारी के साथ अपने अंकों को अधिकतम करने में मदद मिलती है। इस प्रश्नपत्र में 300 अंकों में पाँच अलग-अलग कौशलों का परीक्षण किया जाता है।
प्रश्नों का पैटर्न:
निबंध लेखन (100 अंक): उम्मीदवार अपनी चुनी हुई भाषा में एक विशिष्ट विषय पर निबंध लिखते हैं।
अपठित गद्यांश (60 अंक): समझ का परीक्षण करने के लिए दिए गए गद्यांश पर आधारित प्रश्न।
संक्षिप्तीकरण (60 अंक): किसी गद्यांश का संक्षेप में सार प्रस्तुत करना।
अनुवाद (40 अंक):
अंग्रेजी से चुनी गई भारतीय भाषा में अनुवाद (20 अंक)।
भारतीय भाषा से अंग्रेजी में अनुवाद (20 अंक)।
व्याकरण (40 अंक): बुनियादी व्याकरणिक शुद्धता का परीक्षण।
यूपीएससी (UPSC) आवेदन पत्र भरने वाले उम्मीदवारों को उस भाषा का चयन करना चाहिए जिसे वे अच्छी तरह से जानते हैं। मैट्रिक स्तर तक पढ़ी गई भाषा का चयन करना सबसे अच्छा रहता है।
उम्मीदवार अक्सर इस पेपर को इसके क्वालिफाइंग स्वभाव के कारण नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन एक रणनीतिक दृष्टिकोण अप्रत्याशित विफलता से बचाता है।
एक मजबूत भाषा चुनें: ऐसी भाषा चुनें जिसे आपने बचपन से बोला या पढ़ा हो। इससे आपको लिपि और शब्दावली के साथ सहज महसूस करने में मदद मिलेगी।
स्कूली पाठ्यपुस्तकों को दोहराएं: कक्षा दसवीं तक की व्याकरण पाठ्यपुस्तकों को दोहराना व्याकरण खंड के लिए पर्याप्त कवरेज प्रदान करता है।
अनुवाद का अभ्यास करें: अंग्रेजी से अपनी स्थानीय भाषा में और अपनी स्थानीय भाषा से अंग्रेजी में समाचार पैराग्राफ का अनुवाद करने का नियमित अभ्यास शब्दावली और गति को बढ़ाता है। इस अभ्यास के लिए समाचार पत्र उत्कृष्ट संसाधन के रूप में कार्य करते हैं।
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें: पिछले 2-3 वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने से उम्मीदवारों को कठिनाई के स्तर और प्रश्नों के प्रारूप की जानकारी हो जाती है।
लिखावट पर ध्यान दें: सुपाठ्य लिखावट अनिवार्य है। उम्मीदवारों को जुर्माने से बचने के लिए शब्द सीमाओं का भी कड़ाई से पालन करना चाहिए।
जो अभ्यर्थी अपना UPSC OTR पंजीकरण पूरा कर लेते हैं, उन्हें अपनी अनिवार्य भाषा का चुनाव जल्द ही कर लेना चाहिए। इससे आवेदन प्रक्रिया में बाद में होने वाले भ्रम से बचने में मदद मिलेगी।
नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं कि नए UPSC नियमों ने मुख्य योग्यता मानदंडों को नहीं बदला है। पेपर A के लिए भाषाओं की सूची अभी भी वही है। आवश्यकता अभी भी 25% अंकों की है।
उम्मीदवारों को DAF या प्रमाणपत्र प्रारूपों के संबंध में किसी भी छोटे प्रक्रियात्मक अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक upsc अधिसूचनाएं देखनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
यूपीएससी मेन्स में पेपर ए के लिए न्यूनतम उत्तीर्ण अंक क्या है?
क्या पेपर ए (Paper A) के अंक अंतिम यूपीएससी (UPSC) योग्यता सूची (merit list) में शामिल किए जाते हैं?
क्या तमिलनाडु के उम्मीदवार हिंदी में परीक्षा दे सकते हैं?
किन राज्यों को अनिवार्य भारतीय भाषा के पेपर से छूट दी गई है?
यूपीएससी भाषा के पेपर में किस स्तर की व्याकरण का मूल्यांकन किया जाता है?
पेपर ए सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में एक मार्गदर्शक (गेटकीपर) के रूप में कार्य करता है। हालांकि यह रैंक निर्धारित नहीं करता है, यह पात्रता सुनिश्चित करता है।
अनुवाद और व्याकरण के लगातार अभ्यास के माध्यम से 75 अंक प्राप्त करके, उम्मीदवार यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके मुख्य पत्रों का मूल्यांकन किया जाए। उत्तर-पूर्वी राज्यों के उम्मीदवारों को उचित दस्तावेजों के साथ अपनी छूट की स्थिति को सत्यापित करना होगा।
गजेंद्र सिंह गोदारा आईआईटी बॉम्बे के स्नातक और एक यूपीएससी आकांक्षी हैं, जिन्होंने कई प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षाओं सहित 4 प्रयास किए हैं। वे राजनीति (Polity), आधुनिक इतिहास (Modern History), अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) और अर्थव्यवस्था (Economy) के विशेषज्ञ हैं। PadhAI में, गजेंद्र अपने प्रत्यक्ष परीक्षा अनुभव का लाभ उठाकर जटिल अवधारणाओं को सरल बनाते हैं, जिससे उच्च दक्षता वाली अध्ययन सामग्री तैयार होती है जो आकांक्षियों को समय बचाने और केंद्रित रहने में मदद करती है।
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