यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स और मेन्स में नेगेटिव मार्किंग
यूपीएससी प्रीलिम्स नेगेटिव मार्किंग: जीएस पेपर 1 में -0.67, सीएसएटी में -0.83। चरण-दर-चरण गणना, स्मार्ट रणनीतियाँ और बचने योग्य सामान्य गलतियाँ।

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कई उम्मीदवारों को UPSC में नेगेटिव मार्किंग प्रारंभिक (Prelims) परीक्षा का एक चुनौतीपूर्ण पहलू लगती है। इसका मतलब है कि गलत उत्तरों के लिए आपके अंक काटे जाते हैं। यह प्रणाली बिना सोचे-समझे तुक्का लगाने को हतोत्साहित करने और सटीकता को पुरस्कृत करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
इस नियम को समझना सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह प्रीलिम्स देने वाले हर व्यक्ति को प्रभावित करता है: यहाँ तक कि कुछ लापरवाह उत्तर भी आपके उत्तीर्ण होने के अवसर को छीन सकते हैं।
यह ब्लॉग UPSC प्री में नेगेटिव मार्किंग को विस्तार से समझाता है, जिससे आपको जनरल स्टडीज (GS) और CSAT दोनों के दंड (पेनल्टी) को समझने में मदद मिलेगी। हम यह भी देखेंगे कि क्या नेगेटिव मार्किंग UPSC परीक्षा के बाद के चरणों यानी मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview) पर भी लागू होती है या नहीं।

नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (UPSC Prelims) में गलत उत्तरों के लिए अंक काटने का नियम है। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए उस प्रश्न के अंकों का एक-तिहाई भाग काट लिया जाता है।
इसका उद्देश्य बिना सोचे-समझे लगाए जाने वाले अनुमानों को हतोत्साहित करना और यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर दें जो वे जानते हैं।
सरल शब्दों में, यदि आप लापरवाही से उत्तर देते हैं, तो आप अंक खो देते हैं।
हाँ, यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन लागू होता है – आप उन प्रश्नों के उत्तर देने का जोखिम नहीं उठा सकते जिनके बारे में आप अनिश्चित हैं।
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प्रारंभिक चरण (Prelims Stage):
प्रारंभिक परीक्षा में, दोनों प्रश्नपत्रों में नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) होता है।
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र I में 100 प्रश्न होते हैं, जिनमें से प्रत्येक 2 अंक का होता है (कुल 200 अंक), और CSAT प्रश्नपत्र II में 80 प्रश्न होते हैं, जिनमें से प्रत्येक 2.5 अंक का होता है।
दोनों प्रश्नपत्रों में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए, UPSC प्रश्न के लिए निर्धारित अंकों का एक-तिहाई भाग काट लेता है।
इसका अर्थ है प्रश्नपत्र I में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए -0.67 अंक और प्रश्नपत्र II में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए -0.83 अंक की कटौती।
मुख्य चरण (Mains Stage):
UPSC मुख्य परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है। मुख्य परीक्षा के सभी उत्तर वर्णनात्मक होते हैं। यहाँ गलत उत्तरों से आपके अंक कम नहीं होते हैं।
साक्षात्कार / व्यक्तित्व परीक्षण (Interview / Personality Test):
UPSC साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण) में कोई नकारात्मक अंकन लागू नहीं होता है। आपके उत्तरों का मूल्यांकन विषय-वस्तु और व्यक्तित्व के आधार पर किया जाता है, गलत होने पर कोई अंक नहीं काटा जाता है।
पेपर I (सामान्य अध्ययन):
GS पेपर I में 100 प्रश्न (कुल 200 अंक) होते हैं, प्रत्येक प्रश्न के लिए 2 अंक निर्धारित हैं। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए, UPSC 2 अंकों का एक-तिहाई भाग काटता है, जो लगभग 0.67 अंक है। दूसरे शब्दों में, हर गलत उत्तर के लिए आपके 0.67 अंक कटेंगे।
पेपर II (CSAT):
पेपर II में 80 प्रश्न (कुल 200 अंक) होते हैं, प्रत्येक प्रश्न के लिए 2.5 अंक निर्धारित हैं। UPSC CSAT नकारात्मक अंकन योजना में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 2.5 अंकों का एक-तिहाई भाग काटा जाता है, जो लगभग 0.83 अंक है। इस प्रकार, एक गलत CSAT उत्तर से लगभग 0.83 अंक कटते हैं।
गणना के लिए सूत्र:
आप एक सरल सूत्र का उपयोग करके अपने प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) के स्कोर की गणना कर सकते हैं:
कुल स्कोर = (सही उत्तर × प्रति प्रश्न अंक) – (गलत उत्तर × प्रति प्रश्न कटौती)।
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चरण-दर-चरण, प्रत्येक पेपर में अपने सही और गलत उत्तरों की गणना करें, फिर फॉर्मूला लागू करें।
उदाहरण के लिए:
पेपर I: यदि आपने 80 प्रश्नों के सही उत्तर दिए और 20 के गलत उत्तर दिए, तो आपका स्कोर (80×2) – (20×0.67) = 146.67 है।
पेपर II: यदि आप 65 प्रश्नों के सही उत्तर देते हैं और 15 के गलत उत्तर देते हैं, तो आपका स्कोर (65×2.5) – (15×0.83) = 150.05 है।
ये उदाहरण दिखाते हैं कि कैसे कुछ गलत उत्तर भी आपके कुल स्कोर को काफी कम कर सकते हैं। इसलिए, निगेटिव मार्किंग से बचने की कोशिश करें।
कॉलेज में आईएएस के लिए आवश्यक रैंक या यूपीएससी के लिए सबसे अच्छे स्ट्रीम जैसी चीजों के बारे में चिंता करने से पहले, आपको सबसे पहले एक सुरक्षित मार्जिन के साथ प्रीलिम्स पास करने की बुनियादी बातों में महारत हासिल करनी होगी। इसका एक बड़ा हिस्सा नेगेटिव मार्किंग को समझदारी से संभालना है।
सटीकता के साथ प्रयास करें, न कि केवल मात्रा के साथ
उन प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित करें जिनके बारे में आप आश्वस्त हैं। वही उत्तर दें जो आप निश्चित रूप से जानते हैं। अधिकांश सफल उम्मीदवार केवल उच्च निश्चितता वाले प्रश्नों का ही प्रयास करने की सलाह देते हैं। इस तरह, आप अंक प्राप्त करने की अपनी संभावनाओं को अधिकतम करते हैं और दंड को न्यूनतम करते हैं।
पहले एलिमिनेशन (विकल्प हटाने) का उपयोग करें
यदि आप एक या दो विकल्पों को हटा सकते हैं, तो सही उत्तर का अनुमान लगाने की आपकी संभावना बढ़ जाती है। केवल तभी अनुमान लगाएं जब आप सुरक्षित रूप से कुछ विकल्पों को खारिज कर सकें। उदाहरण के लिए, यदि आप चार में से दो गलत विकल्पों को हटा देते हैं, तो अनुमान की 50% संभावना होती है; इससे जोखिम लेने के लिए पर्याप्त संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
प्रश्न कब छोड़ें
किसी प्रश्न को खाली छोड़ने पर कोई पेनल्टी (नकारात्मक अंक) नहीं लगती है। यदि आप अनिश्चित हैं (<50% संभावना), तो इसे छोड़ दें। याद रखें: सीएसएटी (CSAT) के एक गलत उत्तर पर लगभग 0.83 अंक कटते हैं। पहले आसान सवालों के जवाब देने पर ध्यान दें और उन कठिन सवालों को छोड़ दें जिनके बारे में आपको कोई अंदाजा नहीं है।
समय प्रबंधन और ओएमआर (OMR) सटीकता
समय और उत्तर अंकित करने को लेकर सावधान रहें। ओएमआर शीट पर अपने उत्तरों को चरणों में भरें: पहले सभी निश्चित उत्तर दें, फिर यदि समय बचे तो एलिमिनेशन वाले अनुमान लगाएं। आखिरी के कुछ मिनट यह दोबारा जांचने के लिए सुरक्षित रखें कि प्रत्येक गोला सही ढंग से काला किया गया है या नहीं। एक प्रश्न के लिए कभी भी दो विकल्प न भरें - इसे गलत माना जाता है।
मॉक टेस्ट और अभ्यास
नियमित अभ्यास परीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वे परीक्षा की परिस्थितियों में गति और सटीकता बनाने में मदद करते हैं, और आपको नेगेटिव मार्किंग के प्रति सचेत करते हैं। प्रत्येक मॉक के बाद, सुधार करने के लिए गलतियों की समीक्षा करें। परीक्षा की परिस्थितियों का अनुकरण करने से आपको समय प्रबंधित करने और लापरवाही से होने वाली गलतियों से बचने में मदद मिलेगी।
"बस ऐसे ही" सब कुछ हल करने की कोशिश करना
कुछ उम्मीदवार सभी प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास करते हैं। यह अक्सर उल्टा असर दिखाता है। सावधानीपूर्वक विकल्पों को हटाए बिना अत्यधिक प्रयास करने से आपके अंक प्रभावित हो सकते हैं। अंधाधुंध अनुमान लगाने के बजाय कम प्रश्नों के सटीक उत्तर देना अधिक समझदारी की बात है।
पेपर II (CSAT) की उपेक्षा करना
चूंकि CSAT केवल क्वालिफाइंग परीक्षा है (33% आवश्यक), कुछ छात्र इसे कम प्राथमिकता देते हैं। लेकिन यहां गलत उत्तर देने पर भी अंक कटते हैं। CSAT को गंभीरता से लें - जिन प्रश्नों के उत्तरों को लेकर आप आश्वस्त हों, उन्हें हल करें और बाकी को छोड़ दें।
जल्दबाजी करना और गलत गोले भरना
जल्दबाजी के कारण बड़ी गलतियां हो सकती हैं। उम्मीदवार कभी-कभी प्रश्न पत्र पर उत्तरों पर निशान लगा लेते हैं और अंत में ओएमआर (OMR) भरने की जल्दी करते हैं, जिससे गलतियां हो जाती हैं। हमेशा ध्यान से, एक-एक करके उत्तर भरें, और अपने ओएमआर चिह्नों की दोबारा जांच करें।
बिना सोचे-समझे अनुमान लगाना
बिना किसी विकल्प को हटाए केवल मनमाना अनुमान लगाने से बचें। जब तक आप कुछ विकल्पों को खारिज नहीं कर देते, तब तक एक बेतरतीब अनुमान के सही होने की संभावना केवल 25% होती है, जो –0.67 या –0.83 की पेनाल्टी (नकारात्मक अंक) को उचित नहीं ठहराती। यदि समय हो, तो भी बिना सोचे-समझे अनुमान लगाने की संख्या को बहुत कम प्रश्नों तक सीमित रखें।
पेनाल्टी (नकारात्मक अंक) के प्रभाव को नजरअंदाज करना
याद रखें कि प्रत्येक गलत उत्तर से अंक कटते हैं। कुछ गलत उत्तर मिलकर भी बड़ी कटौती का कारण बन सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि पेनाल्टी आपके कुल स्कोर को कैसे प्रभावित करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या UPSC प्रीलिम्स (Prelims) में नेगेटिव मार्किंग होती है?
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (UPSC Prelims) में नकारात्मक अंकन (negative marking) कितना होता है?
यूपीएससी सीएसएटी (UPSC CSAT) में नेगेटिव मार्किंग क्या है?
क्या यूपीएससी मेन्स या इंटरव्यू में नकारात्मक अंकन (नेगेटिव मार्किंग) होता है?
यूपीएससी में नेगेटिव मार्किंग की गणना कैसे करें?
UPSC प्रीलिम्स में नेगेटिव मार्किंग वास्तविक और महत्वपूर्ण है। हर गलत उत्तर आपके स्कोर को कम कर देता है, इसलिए प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करने की तुलना में सटीकता का लक्ष्य रखना अधिक महत्वपूर्ण है। इस योजना को अच्छी तरह से समझें, समझदारी से प्रयास करें और गहन अभ्यास करें। सही रणनीति और सावधानीपूर्वक दृष्टिकोण के साथ, आप पेनाल्टी को कम कर सकते हैं और प्रीलिम्स परीक्षा उत्तीर्ण करने की अपनी संभावनाओं को बेहतर बना सकते हैं।
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