UPSC प्रीलिम्स 2025 के लिए पिछले सप्ताह का विज्ञान और प्रौद्योगिकी गाइड | अंतरिक्ष, एआई और बायोटेक के जरूरी टॉपिक्स

गजेंद्र सिंह गोदारा
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विज्ञान और प्रौद्योगिकी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भारत के विकास को दर्शाते हैं। उम्मीदवारों के लिए इन विकासों, उनके प्रभावों और पारिस्थितिकी पर्यावरण गाइड को समझना आवश्यक है। इन प्रगतियों पर ध्यान केंद्रित करके, उम्मीदवार इस बात की अपनी समझ को बढ़ा सकते हैं कि वैज्ञानिक प्रगति किस प्रकार सार्वजनिक नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और सतत विकास को प्रभावित करती है।
क्यों विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रारंभिक परीक्षा 2025 को बना—या बिगाड़—सकती है
यूपीएससी ने 2017 से हर साल विज्ञान और प्रौद्योगिकी (Science & Tech) पर 10-18 प्रश्न पूछे हैं, जिनमें अक्सर बुनियादी सिद्धांत (static theory) के साथ भारत की नवीनतम सफलताएं शामिल होती हैं। इस गतिशील क्षेत्र में महारत हासिल करने का मतलब है इसरो (ISRO) के मिशन, एआई (AI) नीति, बायोटेक उपचार और डिजिटल कानूनों पर नज़र रखना—ये ऐसे विषय हैं जो सीधे शासन और राष्ट्रीय सुरक्षा को आकार देते हैं।
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2025 के लिए 8 अधिक लाभ (हाई-यील्ड) वाले टॉपिक बकेट
# | विषय क्लस्टर (Topic Cluster) | अंतिम-सप्ताह की अनिवार्य जानकारियाँ | 2024-25 सुर्खियां |
|---|---|---|---|
1 | अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (इसरो) | प्रक्षेपण यान (PSLV, GSLV, LVM3), कक्षीय यांत्रिकी (orbital mechanics), रिमोट-सेंसिंग अनुप्रयोग | चंद्रयान-3 की चंद्र के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट-लैंडिंग (अगस्त 2023) ; आदित्य-L1 को हेलो ऑर्बिट में स्थापित किया गया (जनवरी 2024) |
2 | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स | मशीन-लर्निंग की बुनियादी बातें, न्यूरल नेटवर्क, नैतिक एआई (ethical AI), रोबोट सेंसर | इंडियाएआई (IndiaAI) मिशन स्वीकृत (₹10,371 करोड़; कंप्यूटर और सुरक्षित एआई सहित 7 स्तंभ) |
3 | क्वांटम और फ्रंटियर टेक | क्यूबिट्स बनाम क्लासिकल बिट्स, क्वांटम संचार, पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टो | राष्ट्रीय क्वांटम मिशन को अप्रैल 2023 में मंजूरी मिली (₹6,003 करोड़) |
4 | जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) और स्वास्थ्य | CRISPR, mRNA, जीएमओ (GMO) नियमन, जैव-सुरक्षा स्तर (bio-safety levels) | भारत की पहली स्वदेशी CAR-T थेरेपी (NexCAR19) क्लीनिकों में शुरू—लागत ≈ $50k ; CRISPR-Cas9 का उपयोग करके भारत की पहली जीन-संपादित भेड़ (कश्मीर मेरिनो) |
5 | साइबर और डेटा सुरक्षा | एन्क्रिप्शन की बुनियादी बातें, मैलवेयर के प्रकार, सीईआरटी-इन (CERT-In) अधिदेश | डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023—सहमति, बच्चों के डेटा नियम |
6 | अक्षय और हरित ऊर्जा तकनीक | सौर पीवी प्रकार, पवन वर्ग, एसएमआर (SMR), हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र | राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य: 2030 तक 5 Mt / वर्ष H₂ |
7 | नैनो प्रौद्योगिकी (Nanotechnology) और सामग्रियां | नैनो-कैरियर, ग्राफीन, क्वांटम डॉट्स, नैनो-उर्वरक | क्वांटम-डॉट एलईडी के लिए रसायन विज्ञान में नोबेल 2023—डिस्प्ले टेक को बढ़ावा |
8 | आईसीटी और डिजिटल इंडिया | 5G बनाम 6G, भारतनेट फाइबर, डिजीलॉकर एपीआई, यूपीआई आर्किटेक्चर | भारत संप्रभु एलएलएम (LLMs) के निर्माण के लिए इंडियाएआई (IndiaAI) निविदा के तहत 15,000 जीपीयू (GPUs) पर जोर दे रहा है |
सात दिनों में S&T में कैसे महारत हासिल करें
दिन | सुबह (2 घंटे) | दोपहर (1 घंटा) | शाम (1 घंटा) |
|---|---|---|---|
D-7 | अंतरिक्ष मिशन समयरेखा (चंद्रयान, आदित्य-L1, गगनयान परीक्षण) | अंतरिक्ष पर 25 पिछले वर्षों के प्रश्न (2018-21) | इसरो (ISRO) का नवीनतम मिशन रिकैप वीडियो देखें |
D-6 | एआई (AI) मूल बातें + इंडियाएआई (IndiaAI) नीति का एक पृष्ठ | प्रश्नोत्तरी: एआई नैतिकता और रोबोटिक्स | वैश्विक एआई केंद्रों और गठबंधनों का मानचित्रण करें |
D-5 | क्वांटम और सेमीकंडक्टर समाचार; एनक्यूएम (NQM) लक्ष्य | फ्लैश-कार्ड: QKD बनाम PQC | क्वांटम-तकनीक शब्दावली को दोहराएं |
D-4 | बायोटेक: mRNA, CRISPR, CAR-T, जीएम (GM) फसल विनियमन | टीकों और बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) पर बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) | पीआईबी (PIB) बायोटेक विज्ञप्तियां पढ़ें |
D-3 | साइबर कानून, डीपीडीपी (DPDP) अधिनियम, सीईआरटी-इन (CERT-In) सलाह | मिश्रित मॉक टेस्ट (30 प्रश्न) | त्रुटियों को ठीक करें; चीट-शीट अपडेट करें |
D-2 | अक्षय ऊर्जा योजनाएं: हाइड्रोजन, सौर, इथेनॉल | रैपिड क्विज: ऊर्जा भंडारण तकनीक | ऊर्जा-मिश्रण पाई चार्ट को फिर से बनाएं |
D-1 | 40-प्रश्नों का मिश्रित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी स्प्रिंट; एलिमिनेशन रणनीति पर ध्यान दें | त्रुटि लॉग का हल्का दोहराव | जल्दी रात का खाना, उपकरणों से दूर रहकर आराम, 8 घंटे की नींद |
अपने मस्तिष्क को प्रशिक्षित करने के लिए कम से कम एक मॉक टेस्ट को वास्तविक जीएस (GS) समय (सुबह 9 बजे से दोपहर तक) के साथ संरेखित करें।
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यूपीएससी प्रीलिम्स 2025 के लिए प्रमुख विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय
1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियां (Artificial Intelligence & Emerging Technologies)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और विभिन्न क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोग।
मशीन लर्निंग (ML) और डीप लर्निंग से जुड़ी प्रगति।
क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) और इसके प्रभाव।
ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और क्रिप्टोकरेंसी से परे इसके अन्य उपयोग।
वेब 3.0, 4.0, और 5.0: विकास और अनुप्रयोग।
ली-फाई (Li-Fi - Light Fidelity) तकनीक।
3D प्रिंटिंग और इसके औद्योगिक अनुप्रयोग।
ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) प्रौद्योगिकियां।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और दैनिक जीवन में इसका एकीकरण।
साइबर सुरक्षा (Cybersecurity) की चुनौतियाँ और समाधान।
5G और 6G वायरलेस संचार प्रणालियाँ।
2. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (Space Technology)
इसरो (ISRO) मिशन: चंद्रयान-3, गगनयान, और भविष्य के अन्य मिशन।
सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम: IRNSS/NavIC और उनके अनुप्रयोग।
स्पेस मलबे (Space Debris) का प्रबंधन और इसका महत्व।
अंतरिक्ष नीति (Space Policy): अंतरिक्ष गतिविधि विधेयक, 2017।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग: वैश्विक अंतरिक्ष पहलों में भारत की भूमिका। जैसे: NISAR, एक्सिओम 4 मिशन (Axiom 4 Mission), ल्यूपेक्स (LUPEX - Lunar Polar Exploration Mission)
ध्रुव स्पेस LEAP-1 (अगस्त 2025): स्वदेशी P-30 बस पर आधारित भारत का पहला निजी व्यावसायिक मिशन; जो स्पेसएक्स (SpaceX) के फाल्कन 9 रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया।
3. जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य नवाचार (Biotechnology & Health Innovations)
सीआरआईएसपीआर (CRISPR) तकनीक और इससे जुड़े नैतिक सरोकार।
जीनोम अनुसंधान (Genomic Research) और चिकित्सा में इसके अनुप्रयोग।
जैव ईंधन (Biofuels) और संधारणीय (सतत) ऊर्जा में उनकी भूमिका।
फंक्शनल फूड्स और स्मार्ट प्रोटीन्स।
प्रिसिजन बायोथैराप्यूटिक्स।
जलवायु-अनुकूल कृषि (Climate-Resilient Agriculture)।
4. नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरणीय प्रौद्योगिकियां
हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) का उत्पादन और इसका महत्व।
हाइब्रिड वाहन (Hybrid Vehicles) और उनका पर्यावरण पर प्रभाव।
महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण (OTEC)।
ज्वारीय और भू-तापीय ऊर्जा।
कार्बन कैप्चर और उपयोग प्रौद्योगिकियां।
नैनोटेक्नोलॉजी (Nanotechnology) का पर्यावरणीय निगरानी में अनुप्रयोग।
5. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT)
डिजिटल इंडिया पहल और उनका प्रभाव।
बिग डेटा एनालिटिक्स (Big Data Analytics) और इसके अनुप्रयोग।
क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing) के क्षेत्र में प्रगति।
क्वांटम संचार (Quantum Communication) प्रणालियाँ।
स्मार्ट प्रेप हैक्स
माइक्रो-रिसोर्स स्टैक
आवश्यकता | संसाधन |
|---|---|
स्थिर आधार (स्टैटिक बेस) | NCERT (IX-XII भौतिकी/जीव विज्ञान) + स्पेक्ट्रम विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
गहन अध्ययन | ISRO इयरबुक, IndiaAI और PIB संकलन |
त्वरित दोहराव (क्विक रिवीजन) | स्वयं निर्मित फ्लैश कार्ड; क्वांटम और एआई कीवर्ड सूचियां |
अभ्यास | UPSC PYQs 2013-24 + 3 अनुभागीय मॉक टेस्ट |
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रश्नों में अद्यतन अंतर्दृष्टि और स्पष्ट बुनियादी सिद्धांत होने पर अच्छे अंक मिलते हैं। अपने रिविजन को ऊपर दिए गए आठ उच्च-प्राप्ति (high-yield) वाले बकेट के इर्द-गिर्द केंद्रित करें, प्रत्येक स्थिर विचार (static idea) को 2024-25 की किसी सुर्ख़ियों से जोड़ें, और इस सात दिनों वाले स्प्रीट को पूरा करें। इसे सही ढंग से करें और आपने 25-30 विश्वसनीय अंक हासिल कर लिए हैं—जो मेन्स (Mains) कॉल-लेटर की दिशा में एक बड़ी छलांग है।
जिज्ञासु बने रहें, निरंतरता बनाए रखें—शुभकामनाएँ!
अनुसंधान पद्धति
PadhAI की शोध पद्धति (research methodology) सुनिश्चित करती है कि हर लेख सटीक, UPSC के अनुकूल और शुरुआती उम्मीदवारों के लिए समझने में आसान हो। हम The Hindu, Indian Express और PIB से मिलान करके UPSC परीक्षा की प्रासंगिकता के आधार पर करंट अफेयर्स विश्लेषण तैयार करते हैं। सामान्य अध्ययन (GS) के विषयों को NCERT और मानक पुस्तकों जैसे कि एम. लक्ष्मीकांत, स्पेक्ट्रम और जीसी लियोंग से तैयार किया जाता है, और फिर तथ्यों की त्रुटियों को दूर करने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा इसकी समीक्षा की जाती है। इसके अतिरिक्त, हम उम्मीदवारों को सत्यापित सरकारी परीक्षा अधिसूचनाओं के साथ-साथ सर्वोत्तम संसाधनों, पाठ्यक्रम और प्रारंभिक (Prelims) व मुख्य (Mains) परीक्षा की व्यापक रणनीतियों का सुझाव देने वाले विशेषज्ञ ब्लॉग भी प्रदान करते हैं।
गजेंद्र सिंह गोदारा आईआईटी बॉम्बे के स्नातक और एक यूपीएससी आकांक्षी हैं, जिन्होंने कई प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षाओं सहित 4 प्रयास किए हैं। वे राजनीति (Polity), आधुनिक इतिहास (Modern History), अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) और अर्थव्यवस्था (Economy) के विशेषज्ञ हैं। PadhAI में, गजेंद्र अपने प्रत्यक्ष परीक्षा अनुभव का लाभ उठाकर जटिल अवधारणाओं को सरल बनाते हैं, जिससे उच्च दक्षता वाली अध्ययन सामग्री तैयार होती है जो आकांक्षियों को समय बचाने और केंद्रित रहने में मदद करती है।
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