पीएम उदय योजना: पात्रता, पंजीकरण, स्थिति और पोर्टल 2026
पीएम उदय (PM UDAY) योजना दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा संचालित 2019 की एक केंद्रीय योजना है। यह जीपीए (GPA), वसीयत (Will) और बिक्री समझौते (Agreement to Sell) जैसे दस्तावेजों का उपयोग करके दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को कानूनी स्वामित्व का अधिकार प्रदान करती है। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद संपत्ति मालिकों को एक कन्वेयंस डीड (Conveyance Deed) या अथॉराइजेशन स्लिप (Authorisation Slip) प्राप्त होती है।

गजेंद्र सिंह गोदारा
11
मिनट का पठन

दिल्ली में लगभग 40 से 45 लाख लोग ऐसी कॉलोनियों में रहते हैं जिन्हें कभी औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं मिली थी। दशकों तक, उनके पास कागजों पर ऐसे घर थे जिन्हें किसी भी अदालत ने पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया।
पीएम उदय (PM UDAY) योजना ने इसे बदल दिया। यह इन निवासियों को एक कानूनी अधिकार देता है जिसे वे बेच सकते हैं, गिरवी रख सकते हैं या अपने बच्चों को सौंप सकते हैं।
UPSC उम्मीदवारों के लिए, यह योजना शहरी शासन, संपत्ति कानून और कल्याण वितरण के ठीक मिलन बिंदु पर स्थित है।
यह जीएस पेपर 2 (GS Paper 2) में सरकारी नीतियों के तहत दिखाई देती है, और यह अनौपचारिक बस्तियों और शहर नियोजन जैसे बड़े विषयों से जुड़ती है।
यह मार्गदर्शिका सरल भाषा में इस योजना का विश्लेषण करती है, जिसमें वे तथ्य, तिथियां और आंकड़े शामिल हैं जिनकी आपको प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) दोनों परीक्षाओं के लिए आवश्यकता है।
PM UDAY योजना केंद्र सरकार की एक योजना है जो दिल्ली की 1,731 अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को कानूनी स्वामित्व या हस्तांतरण और बंधक अधिकार प्रदान करती है।
इसका पूरा नाम प्रधानमंत्री दिल्ली आवास अधिकार योजना में अनधिकृत कॉलोनी (Pradhan Mantri Unauthorised Colonies in Delhi Awas Adhikar Yojana) है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) इसे आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के तहत संचालित करता है।
तो अगर कोई एक पंक्ति में पूछे कि PM UDAY योजना क्या है: तो यह अनौपचारिक, कागज-आधारित स्वामित्व को एक पंजीकृत, बैंक-मान्यता प्राप्त शीर्षक में बदल देती है।
यह योजना एक साधारण अंतर के कारण मायने रखती है। इन कॉलोनियों में अधिकांश घर जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA), वसीयत या बिक्री समझौते के माध्यम से खरीदे गए थे।
ये कागजात कब्जे को तो दर्ज करते हैं, लेकिन साफ-सुथरा कानूनी स्वामित्व हस्तांतरित नहीं करते हैं। स्पष्ट मालिकाना हक न होने के कारण, निवासियों को होम लोन नहीं मिल पाता था, वे आसानी से बेच नहीं पाते थे, और तोड़फोड़ के डर के साए में जीते थे।
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दिल्ली का विकास उसके मास्टर प्लान की तुलना में तेज़ी से हुआ। हरित या कृषि उपयोग के लिए निर्धारित भूमि के बड़े हिस्से बिना किसी स्वीकृत भवन योजना के हाउसिंग क्लस्टर्स में बदल गए।
इन क्लस्टर्स में उचित सड़कों, सीवर और सुरक्षा मंजूरी का अभाव था।
इसे ठीक करने के पिछले प्रयास विफल रहे। 2008 के नियमों में दिल्ली सरकार (GNCTD) से पहले इन कॉलोनियों की सीमाओं का मानचित्रण करने के लिए कहा गया था। 11 साल बाद भी वह मानचित्रण अधूरा ही रहा।
PM UDAY yojana को धीमे जमीनी सर्वेक्षणों की प्रतीक्षा करने के बजाय एक डिजिटल, दस्तावेज़-आधारित प्रक्रिया का उपयोग करके इस देरी को समाप्त करने के लिए बनाया गया था।
सूरज लैंप मामला और GPA समस्या
इसका कानूनी कारण सीधे सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा है। सूरज लैंप एंड इंडस्ट्रीज मामले (2011) में, कोर्ट ने फैसला सुनाया कि GPA, वसीयत और बिक्री समझौता संपत्ति के स्वामित्व को हस्तांतरित करने के लिए वैध दस्तावेज नहीं हैं।
इस अकेले फैसले ने दिल्ली के लाखों परिवारों के पास ऐसे दस्तावेज़ छोड़ दिए जो अब मालिकाना हक के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं थे।
सरकार की प्रतिक्रिया इस योजना के तहत अधिकार प्रदान करने के सीमित उद्देश्य के लिए, 11 अक्टूबर 2011 के बाद एक अधिसूचित तिथि तक निष्पादित ऐसे दस्तावेजों को मान्यता देना था।
यह वह कानूनी पुल है जो PM UDAY scheme को संभव बनाता है।
यह योजना एक मजबूत कानूनी आधार पर खड़ी है, जो कि किसी कल्याणकारी कार्यक्रम के लिए दुर्लभ बात है। घटनाओं का घटनाक्रम इस प्रकार है जिसे उम्मीदवारों को याद रखना चाहिए:

दिनांक | घटना |
मार्च 2019 | प्रक्रिया की सिफारिश करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल के तहत समिति का गठन किया गया |
23 अक्टूबर 2019 | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को मंजूरी दी |
29 अक्टूबर 2019 | दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (अनधिकृत कॉलोनियों में निवासियों के संपत्ति अधिकारों की मान्यता) विनियम, 2019 अधिसूचित |
दिसंबर 2019 | संसद द्वारा दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (संपत्ति अधिकारों की मान्यता...) अधिनियम, 2019 पारित किया गया |
शुरुआती 2020 | निवासियों के लिए योजना को क्रियाशील बनाया गया |
स्रोत: डीडीडीए (dda.gov.in/pm_uday) और पीआईबी, 2025-26.
तथ्य यह है कि इस योजना को संसदीय अधिनियम का समर्थन प्राप्त है, जो इसकी सबसे मजबूत बात है। यह पीएम उदय योजना (PM UDAY scheme) को उन सामान्य कार्यकारी योजनाओं से अलग करती है जिन्हें आसानी से वापस लिया जा सकता है।
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इस योजना में कुछ ऐसी खास विशेषताएं हैं जो एक अव्यवस्थित कागजी कार्रवाई को एक स्पष्ट मालिकाना हक (साफ टाइटल) में बदल देती हैं। मुख्य विशेषताएं नीचे दी गई हैं:
दस्तावेज़ की मान्यता: अधिकार प्रदान करने के आधार के रूप में GPA, वसीयत (Will), बिक्री के लिए समझौता (Agreement to Sell) और कब्जे के कागजात स्वीकार किए जाते हैं।
परिणाम दस्तावेज़: योग्य मालिकों को सार्वजनिक भूमि पर संपत्तियों के लिए कन्वेंस डीड (CD), या निजी भूमि पर संपत्तियों के लिए ऑथराइजेशन स्लिप (AS) मिलती है।
ऑनलाइन प्रक्रिया: पूरा PM UDAY आवेदन ऑनलाइन भरा जाता है। निवासी केवल एक बार प्रोसेसिंग सेंटर जाता है, वह भी सीडी (CD) या एएस (AS) पर भौतिक रूप से हस्ताक्षर करने के समय।
मामूली शुल्क: निजी भूमि के लिए शुल्क सार्वजनिक भूमि की दर का 50% है। खाली पड़ी सार्वजनिक भूमि पर कोई अधिकार नहीं दिया जाता है।
आसान भुगतान: निवासी इस शुल्क का भुगतान तीन समान किश्तों में कर सकते हैं।
सहायता प्रणाली: डीडीए (DDA) 10 प्रोसेसिंग सेंटर, 17 विस्तारित कार्यालय और 28 हेल्प डेस्क संचालित करता है। कॉमन सर्विस सेंटर (CSCs) भी आवेदन दाखिल करने में मदद करते हैं।
यहाँ एक त्वरित तालिका दी गई है जिसे आप सीधे अपने नोट्स में शामिल कर सकते हैं:
विशेषता | विवरण |
लॉन्च का वर्ष | 2019 |
नोडल एजेंसी | दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) |
मंत्रालय | आवास और शहरी मामले (MoHUA) |
दायरा | 1,731 अनधिकृत कॉलोनियां |
बाहर रखा गया | 69 समृद्ध कॉलोनियां |
निर्माण के लिए कट-ऑफ | 1 जनवरी 2015 (2015 के सैटेलाइट चित्रों पर आधारित) |
आधिकारिक पोर्टल | |
आउटपुट | कन्वेंस डीड (CD) या ऑथराइजेशन स्लिप (AS) |
योग्यता वह हिस्सा है जहां अधिकांश आवेदन विफल हो जाते हैं, इसलिए इसे ध्यान से पढ़ें।

शामिल संपत्तियां और लोग
एक निवासी तब योग्य होता है जब संपत्ति 1,731 अधिसूचित कॉलोनियों में से किसी एक के भीतर आती है और निर्माण 1 जनवरी 2015 से पहले का हो।
आवेदक के पास एक मान्यता प्राप्त दस्तावेज होना चाहिए, जैसे कि एक पंजीकृत या नोटरीकृत जीपीए (GPA), बिक्री समझौता, वसीयत, या भुगतान के प्रमाण के साथ कब्ज़ा पत्र।
किसे बाहर रखा गया है?
यह योजना सभी के लिए खुली नहीं है। विनियम 69 समृद्ध अनाधिकृत कॉलोनियों को बाहर रखते हैं।
यह योजना सरकारी भूमि पर खाली पड़े भूखंडों को भी बाहर रखती है, क्योंकि खाली सार्वजनिक भूमि पर कोई मालिकाना हक नहीं दिया जाता है।
व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग की जाने वाली संपत्तियां योग्य नहीं हैं, क्योंकि योजना केवल आवासीय उपयोग को कवर करती है।
PM UDAY पंजीकरण प्रक्रिया एक स्पष्ट क्रम में चलती है। इसका क्रमवार पालन करें, और अपने दस्तावेजों को स्कैन करके तैयार रखें। चरण नीचे दिए गए हैं:
ऑनलाइन पंजीकरण करें। pmuday.ncog.gov.in पर PM UDAY पोर्टल खोलें, पंजीकरण पर क्लिक करें, और मालिक का विवरण, संपत्ति का विवरण, कॉलोनी का नाम और उसका पंजीकरण नंबर दर्ज करें। ओटीपी (OTP) के साथ सत्यापित करें। आपको एक विशिष्ट पंजीकरण नंबर प्राप्त होगा।
GIS सर्वेक्षण करवाएं। पंजीकरण के बाद दिखाई देने वाली सूची से एक सूचीबद्ध GIS एजेंसी चुनें।
एजेंसी आपकी संपत्ति का दौरा करती है, डिजिटल माप लेती है, भू-निर्देशांक (geo-coordinates) निर्धारित करती है, और एक GIS मानचित्र अपलोड करती है। आपको एसएमएस (SMS) और ईमेल द्वारा एक GIS आईडी प्राप्त होगी।
दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा करें। सभी व्यक्तिगत और संपत्ति के दस्तावेज, साथ ही अपनी फोटो और हस्ताक्षर जमा करें। ट्रैकिंग के लिए सिस्टम एक PM-UDAY केस आईडी आवंटित करता है।
DDA जांच (DDA scrutiny)। अधिकारी कई चरणों में आवेदन की जांच करते हैं। वे त्रुटियां या कमियां निकाल सकते हैं, जिन्हें आपको ठीक करना होगा।
शुल्क का भुगतान करें। स्वीकृति के बाद पूरा भुगतान करें या तीन किश्तों में भुगतान करें।
CD या AS प्राप्त करें और पंजीकृत करें। अपना कन्वेयंस डीड (Conveyance Deed) या अथॉराइजेशन स्लिप (Authorisation Slip) एकत्र करें, फिर इसे 3 महीने के भीतर उप-पंजीयक कार्यालय (Sub-Registrar office) में पंजीकृत करवाएं
यदि आप इस समय-सीमा को चूक जाते हैं, तो दस्तावेज समाप्त हो जाता है और इसे पुनः मान्य करने की आवश्यकता होती है।
आवेदकों के लिए सलाह: PM UDAY पंजीकरण शुरू करने से पहले, यह पुष्टि करने के लिए कि आपकी संपत्ति एक अनधिकृत कॉलोनी की सीमा के भीतर आती है, PM-UDAY मोबाइल ऐप के अंदर UC लोकेटर का उपयोग करें। यह एकल जांच कई अस्वीकृतियों को बचाती है।
PM UDAY आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
इससे पहले कि आप PM UDAY आवेदन शुरू करें, इन दस्तावेजों को तैयार रखें। आवश्यक दस्तावेजों की सूची नीचे दी गई है:
जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA)
बिक्री का समझौता (ATS - Agreement to Sell)
हलफनामा (Affidavit) और कब्जे का दस्तावेज
अंतिम मालिक की वसीयत और संपत्ति की क्रमिक श्रृंखला (property chain)
नवीनतम स्वामित्व दस्तावेज और भुगतान प्रमाण
1 जनवरी 2015 से पहले की कनेक्शन तिथि दर्शाने वाला बिजली बिल (निर्माण प्रमाण के रूप में)
संपत्ति कर उत्परिवर्तन (Property tax mutation) दस्तावेज, यदि कोई हो
PM UDAY पोर्टल पूरी योजना के लिए एकल ऑनलाइन विंडो है। आधिकारिक पता pmuday.ncog.gov.in है।
Google Play Store पर एक PM-UDAY Android ऐप भी है, जिसमें आसान UC Locator टूल शामिल है।
पोर्टल पर आप एक नई संपत्ति को पंजीकृत कर सकते हैं, आवेदन दर्ज कर सकते हैं, कमियों का उत्तर दे सकते हैं, प्रकाशित आवेदनों को देख सकते हैं और प्रगति को ट्रैक कर सकते हैं।
लॉगिन करने के लिए आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर का उपयोग OTP पुष्टिकरण के साथ किया जाता है, इसलिए उस नंबर को सक्रिय रखें।
एक बार जब आप आवेदन कर देते हैं, तो आप उसकी प्रगति को ट्रैक करना चाहेंगे। अपने PM UDAY आवेदन की स्थिति (application status) को ऑनलाइन देखना बहुत आसान है और इसमें केवल दो मिनट लगते हैं।
यहां PM UDAY स्टेटस ऑनलाइन चेक करने का तरीका दिया गया है:
pmuday.ncog.gov.in पर PM UDAY पोर्टल खोलें और फाइल ऐप्लीकेशन (File Application) पर क्लिक करें।
अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और उस पर भेजे गए ओटीपी (OTP) के जरिए लॉग इन करें।
डैशबोर्ड पर, ऐप्लीकेशन स्टेटस (Application Status) विकल्प खोलें।
वर्तमान चरण, उठाई गई किसी भी कमी, या अनुमोदन (approval) और अस्वीकृति (rejection) संबंधी नोट्स देखें।
DDA आपके पंजीकृत संपर्क पर एसएमएस और ईमेल द्वारा भी हर अपडेट भेजता है। इसलिए जब आपके PM UDAY आवेदन की स्थिति (application status) सिस्टम में आगे बढ़ रही हो, तो नियमित रूप से उनकी जांच करते रहें।
आवेदन कई अधिकारियों से होकर गुजरता है, जिनमें से प्रत्येक इसे अनुमोदित कर सकता है, कोई कमी निकाल सकता है, या इसे अस्वीकार कर सकता है।
आवेदन अस्वीकार क्यों होते हैं
अस्वीकृति के सामान्य कारणों को जानने से आपको उनसे बचने में मदद मिलती है। आवेदन आमतौर पर तब अस्वीकार किए जाते हैं जब:
संपत्ति या उसका खसरा कॉलोनी (UC) की सीमा से बाहर आता है।
यह साबित नहीं हो पाता है कि निर्माण 1 जनवरी 2015 से पहले का है।
इमारत की ऊंचाई अनुमत 4 मंजिलों प्लस एक से अधिक है।
संपत्ति में बेसमेंट है या इसका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
संपत्ति किसी स्मारक, जल निकाय या हाई-टेंशन तार के पास स्थित है।
संपत्ति सील की गई है, विवादित है, या कोर्ट केस के अधीन है।
सरकारी भूमि पर निर्मित संपत्ति का दस्तावेज 30 अक्टूबर 2019 के बाद निष्पादित किया गया था।
पीएम उदय (PM UDAY) बनाम उदय (UDAY): उलझन को दूर करना
यह परीक्षा में फंसाने वाला एक पुराना जाल है। दो योजनाओं का नाम UDAY है, लेकिन उनमें कोई समानता नहीं है। एक दिल्ली के घरों से संबंधित है; तो दूसरी बिजली कंपनियों से संबंधित है।

नीचे दी गई तुलना इसे हमेशा के लिए स्पष्ट कर देती है।
बिंदु | PM-UDAY | UDAY (पावर) |
पूरा नाम | प्रधानमंत्री अनधिकृत कॉलोनी दिल्ली आवास अधिकार योजना (Pradhan Mantri Unauthorised Colonies in Delhi Awas Adhikar Yojana) | उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना (Ujwal DISCOM Assurance Yojana) |
शुरू हुई | 2019 | 2015 |
मंत्रालय | आवासन और शहरी कार्य | विद्युत |
लक्ष्य | दिल्ली की कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देना | बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) का वित्तीय पुनरुद्धार |
दायरा | दिल्ली की 1,731 कॉलोनियां | शामिल होने वाले राज्यों की डिस्कॉम (DISCOMs) |
स्वरूप | संपत्ति और आवास अधिकार | ऋण पुनर्गठन योजना |
इस अंतर को इस तरह याद रखें: PM-UDAY आपके सिर पर छत के बारे में है, और UDAY उस तार के बारे में है जो इसे बिजली देता है।
यदि प्रीलिम्स का कोई प्रश्न UDAY को कर्ज और डिस्कॉम (DISCOMs) से जोड़ता है, तो यह विद्युत योजना है। यदि यह इस नाम को कॉलोनियों और मालिकाना हक से जोड़ता है, तो यह PM UDAY योजना है।
2026 में पीएम उदय (PM UDAY) योजना: नवीनतम अपडेट
योजना ने 2025 और 2026 में वास्तविक गति पकड़ी, जो इसे एक मजबूत करेंट अफेयर्स सामग्री बनाती है।
31 मार्च 2026 तक, डीडीए ने लगभग 40,000 कन्वेयंस डीड (हस्तांतरण विलेख) और ऑथराइजेशन स्लिप जारी की थीं। इससे पहले योजना की गति काफी धीमी रही थी।
जुलाई 2024 में लोकसभा के एक उत्तर से पता चला कि प्राप्त 1,22,729 आवेदनों में से केवल 23,811 निवासियों को ही मालिकाना हक दिया गया था, जो कि लगभग 5 में से 1 का सफलता अनुपात है।
अप्रैल 2026 में, सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया। इसने कॉलोनियों को "as is where is" (जहां है, जैसा है) के आधार पर नियमित करने का निर्णय लिया, जिसका अर्थ है कि निवासी पूर्ण लेआउट-प्लान की मंजूरी की प्रतीक्षा किए बिना पंजीकरण कर सकते हैं।
दिल्ली सरकार ने कहा कि 1,731 कॉलोनियों में से 1,511 कॉलोनियों को नियमितीकरण के लिए सक्षम किया गया है, जिससे लगभग 45 लाख लोग लाभान्वित होंगे।
एक नया SWAGAM पोर्टल 24 अप्रैल 2026 से उन मामलों के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू कर चुका है जहां पहले ही CD या AS जारी किया जा चुका था।
सरकार ने एक तेज़ समय-सीमा भी तय की है: 7 दिनों के भीतर GIS सर्वेक्षण, 15 दिनों के भीतर आवेदन की कमियों को दूर करना, और 45 दिनों के भीतर कन्वेयंस डीड जारी करना।
मुख्य परीक्षा (Mains) के उत्तरों के लिए, एक धीमी, योजना-निर्भर प्रणाली से एक तेज़, कब्जा-आधारित प्रणाली में यह बदलाव शासन सुधार (governance reform) का एक बेहतरीन उदाहरण है।
UPSC के लिए PM UDAY क्यों महत्वपूर्ण है
यह योजना पाठ्यक्रम के कई हिस्सों से जुड़ती है, यही वजह है कि परीक्षक इसे पसंद करते हैं।
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) के लिए, तथ्यात्मक बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें: नोडल एजेंसी (DDA), मूल मंत्रालय (MoHUA), 2019 का सहायक अधिनियम, 1,731 कॉलोनियों की संख्या, और 1 जनवरी 2015 की कट-ऑफ तारीख। एक एकल कथन-आधारित प्रश्न इनमें से तथ्यों को देश की बिजली क्षेत्र की उदय (UDAY) योजना के साथ मिलाकर पूछ सकता है।
मुख्य परीक्षा (Mains) जीएस पेपर 2 के लिए, यह योजना कमजोर वर्गों के लिए सरकारी नीतियों और सेवा वितरण में आने वाले मुद्दों पर पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए उपयुक्त है।
आप इसका उपयोग किरायेदारी/स्वामित्व की सुरक्षा, वित्तीय समावेशन में संपत्ति के अधिकारों की भूमिका, और नीति के प्रारूप तथा जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन के बीच के अंतर पर चर्चा करने के लिए कर सकते हैं। जीएस पेपर 1 के लिए, यह भारतीय शहरों में शहरीकरण और अनौपचारिक बस्तियों पर एक केस स्टडी के रूप में काम आ सकता है।
उत्तरों में शामिल करने के लिए एक उपयोगी जुड़ाव लिंग (gender) का है। इन कॉलोनियों में अधिकांश जीपीए (GPA) पुरुष सदस्यों के नाम पर हैं।
नीतिगत चर्चाएं अब पंजीकरण के दौरान संयुक्त या महिलाओं के स्वामित्व पर जोर देती हैं, जो पीएम उदय (PM UDAY) योजना को महिलाओं के आर्थिक अधिकारों से जोड़ती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
सरल शब्दों में पीएम उदय (PM UDAY) योजना क्या है?
मैं अपनी पीएम उदय (PM UDAY) आवेदन की स्थिति ऑनलाइन कैसे देख सकता हूँ?
पीएम उदय (PM UDAY) के तहत कौन सी कॉलोनियां और संपत्तियां पात्र हैं?
पीएम उदय (PM UDAY) और उदय (UDAY) बिजली योजना के बीच क्या अंतर है?
2026 में पीएम उदय (PM UDAY) योजना पर नवीनतम अपडेट क्या है?
पीएम उदय (PM UDAY) योजना दिल्ली सरकार का दशकों पुरानी समस्या का समाधान है: वे लोग जिनके पास घर तो थे लेकिन मालिकाना हक (टाइटल) नहीं था।
2019 के अधिनियम द्वारा समर्थित और डीडीए (DDA) द्वारा संचालित, यह योजना जीपीए (GPA)-आधारित दस्तावेजों को एक पंजीकृत प्रेषण विलेख (Conveyance Deed) या प्राधिकरण पर्ची (Authorisation Slip) में बदलती है।
वर्ष 2026 में "जैसा है जहाँ है" (as is where is) नियमितीकरण के प्रयास ने 1,731 कॉलोनियों में से अधिकांश तक इसकी पहुँच को बढ़ा दिया है।
अपनी परीक्षा के लिए, तीन बातें याद रखें: कानूनी समर्थन, नोडल निकाय के रूप में डीडीए, और स्पष्ट अंतर जो इसे उदय (UDAY) बिजली योजना से अलग करता है।
अनुसंधान पद्धति
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गजेंद्र सिंह गोदारा आईआईटी बॉम्बे के स्नातक और एक यूपीएससी आकांक्षी हैं, जिन्होंने कई प्रारंभिक (Prelims) और मुख्य (Mains) परीक्षाओं सहित 4 प्रयास किए हैं। वे राजनीति (Polity), आधुनिक इतिहास (Modern History), अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations) और अर्थव्यवस्था (Economy) के विशेषज्ञ हैं। PadhAI में, गजेंद्र अपने प्रत्यक्ष परीक्षा अनुभव का लाभ उठाकर जटिल अवधारणाओं को सरल बनाते हैं, जिससे उच्च दक्षता वाली अध्ययन सामग्री तैयार होती है जो आकांक्षियों को समय बचाने और केंद्रित रहने में मदद करती है।
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